नई दिल्ली, 18 दिसंबर 2025। CNG-PNG Price Cut: नए साल की शुरुआत देश के करोड़ों गैस उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी लेकर आ रही है। पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) ने नेचुरल गैस ट्रांसपोर्टेशन के लिए यूनिफाइड टैरिफ स्ट्रक्चर को रैशनलाइज किया है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होगा। इस बदलाव से कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में कमी आएगी।
इसे भी पढ़ें-मदर डेयरी ने घटाई दूध, पनीर, आइसक्रीम की कीमतें, GST कट से उपभोक्ताओं को राहत, जानें नए रेट्स
PNGRB के सदस्य ए.के. तिवारी ने एक इंटरव्यू में बताया कि नए यूनिफाइड टैरिफ से उपभोक्ताओं को राज्य और लागू टैक्स के आधार पर प्रति यूनिट 2-3 रुपये की बचत होगी। विशेष रूप से, दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले उपभोक्ताओं को करीब 50 प्रतिशत कम ट्रांसपोर्टेशन चार्ज देना पड़ेगा। इससे ट्रांसपोर्ट सेक्टर में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों और घरों में PNG से खाना बनाने वाले परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा।
तीन जोन से दो जोन में बदलाव
पहले 2023 के सिस्टम में दूरी के आधार पर तीन जोन थे। 200 किमी तक 42 रुपये, 300-1200 किमी तक 80 रुपये और 1200 किमी से ज्यादा के लिए 107 रुपये प्रति एमएमबीटीयू। अब जोन की संख्या घटाकर दो कर दी गई है – 300 किमी तक के लिए 54 रुपये और उसके बाद 102.86 रुपये प्रति एमएमबीटीयू। सबसे बड़ी राहत यह है कि पूरे देश में CNG और घरेलू PNG उपभोक्ताओं के लिए केवल जोन-1 का टैरिफ (54 रुपये) लागू होगा, भले ही दूरी कितनी भी हो।
यह बदलाव “वन नेशन, वन ग्रिड, वन टैरिफ” के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगा और क्षेत्रीय असमानताओं को कम करेगा। इससे CGD सेक्टर की सालाना ट्रांसपोर्टेशन लागत में करीब 1000 करोड़ रुपये की बचत होगी, जो उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी। अनुमान है कि CNG की कीमत 1.25-2.50 रुपये प्रति किलो और PNG की 0.90-1.80 रुपये प्रति एससीएम कम हो सकती है।
हर घर तक फायदा पहुंचाने की गारंटी
नया टैरिफ स्ट्रक्चर देश के 312 भौगोलिक क्षेत्रों में काम करने वाली 40 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों पर लागू होगा। PNGRB ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कम दरों का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए और इसकी निगरानी खुद बोर्ड करेगा। तिवारी ने कहा, “हमारा उद्देश्य उपभोक्ताओं और ऑपरेटर्स दोनों के हितों को संतुलित करना है।”
सरकार का लक्ष्य: क्लीन फ्यूल को बढ़ावा
सरकार प्राकृतिक गैस के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। कई राज्यों ने वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) कम किया है और परमिशन प्रोसेस आसान बनाया है। पूरे देश में गैस नेटवर्क कवर करने के लिए लाइसेंस दिए गए हैं, जिसमें पब्लिक सेक्टर, प्राइवेट और जॉइंट वेंचर कंपनियां शामिल हैं। PNGRB न केवल रेगुलेटर बल्कि फेसिलिटेटर की भूमिका निभा रहा है। यह सुधार क्लीन फ्यूल को अपनाने को प्रोत्साहित करेगा और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगा। आने वाले समय में हाइड्रोजन ब्लेंडिंग और बायोगैस को भी नेटवर्क में शामिल करने की तैयारी है।
इसे भी पढ़ें-Gold & Silver Price: भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता की वजह से बढ़ रहीं हैं सोने-चांदी की कीमतें








