लखनऊ, 26 दिसंबर 2025। CM Yogi Industrial Policy: उत्तर प्रदेश के लिए औद्योगिक विकास की नई शुरुआत लेकर आया है। देश के प्रमुख औद्योगिक समूह टाटा संस और सिफी टेक्नोलॉजीज के शीर्ष नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर राज्य में बड़े निवेश और विस्तार की योजनाएं साझा कीं।
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15 दिसंबर को टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और 23 दिसंबर को सिफी टेक्नोलॉजीज के चेयरमैन राजू वेगेसना ने अलग-अलग बैठकों में मौजूदा परियोजनाओं की समीक्षा की और भविष्य के निवेश पर चर्चा की। इन मुलाकातों से स्पष्ट है कि योगी सरकार के कार्यकाल में यूपी निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन चुका है। टाटा समूह ने लखनऊ में अत्याधुनिक ‘एआई सिटी’ विकसित करने का प्रस्ताव रखा, जो उत्तर प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
साथ ही, लखनऊ और नोएडा में टीसीएस की इकाइयों में कर्मचारियों की संख्या 16,000 से बढ़ाकर 30,000 करने की योजना पर सहमति बनी। समूह राज्य में ताज, विवांता और सिलेक्शंस ब्रांड के तहत 30 नए होटल बना रहा है, जो पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देगा। रक्षा विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा और अयोध्या में म्यूजियम प्रोजेक्ट पर भी प्रगति की समीक्षा हुई।
टाटा पावर प्रयागराज में थर्मल प्लांट और बुंदेलखंड-प्लांट में सोलर प्रोजेक्ट चला रहा है, जबकि गोरखपुर में आईआईटी कानपुर के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित कर युवाओं को एआई, ड्रोन और 3डी प्रिंटिंग में प्रशिक्षण दिया जाएगा। दूसरी ओर, सिफी टेक्नोलॉजीज ने पिछले पांच वर्षों में लखनऊ और नोएडा में डेटा सेंटर्स के लिए 12,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश किया है और अगले तीन वर्षों में इसे दोगुना करने की घोषणा की।
लखनऊ में एआई एज डेटा सेंटर जल्द चालू होगा, उसके पास हाइपरस्केल एआई कैंपस बनेगा। नोएडा में उत्तर भारत का सबसे बड़ा एआई डेटा सेंटर ‘नोएडा-02’ संचालित है और एक और कैंपस विकसित होगा। कंपनी का ग्रीन हाइपरस्केल डेटा सेंटर ‘नोएडा-01’ 100 से अधिक ग्राहकों को सेवा दे रहा है। दोनों शहरों के एआई क्लस्टर्स को राष्ट्रीय फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, योगी सरकार में स्थिर नीतियां, पारदर्शी प्रशासन और बेहतर कानून-व्यवस्था ने निवेश का माहौल बदला है। पहले की सरकारों में नीतिगत अस्थिरता के कारण उद्योगों को नुकसान हुआ, लेकिन अब बड़े समूह यूपी को दीर्घकालिक निवेश के लिए उपयुक्त मान रहे हैं। ये पहले राज्य को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने और लाखों रोजगार सृजन की दिशा में मजबूत कदम हैं।
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