बरेली, 23 नवंबर 2025। Bulldozer Action: बरेली में शनिवार को योगी सरकार के ‘माफिया मुक्त उत्तर प्रदेश’ अभियान की तूफानी रफ्तार देखने को मिली। 26 सितंबर को बरेली में हुए सांप्रदायिक बवाल के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा खां के बेहद करीबी कॉलोनाइजर मोहम्मद आरिफ के अवैध साम्राज्य पर बुलडोजर गरजा।
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बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने सात बुलडोजरों की फौज उतारकर पीलीभीत बाइपास रोड पर बने तीन मंजिला आलीशान गारमेंट शोरूम-जिम और जगतपुर रोड पर नाले व सड़क की जमीन कब्जा कर बनाई गई 16 दुकानों वाली अवैध मार्केट को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। सुबह 11 बजे से शुरू हुई कार्रवाई रात तक चली। भारी पुलिस बल, पीएसी और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पहले जगतपुर की 16 दुकानों को पोकलेन मशीन से कुछ ही घंटों में ढहा दिया गया।

वहीं, फ्लोरा गार्डन के बगल वाले मजबूत शोरूम ने तीन बुलडोजरों को हांफने पर मजबूर कर दिया। शाम तक आधा शोरूम ही गिर सका, बाकी हिस्सा रविवार को पोकलेन से गिराने का फैसला हुआ। बीडीए अधिकारियों के मुताबिक जगतपुर मार्केट को 2024 में और पीलीभीत रोड शोरूम को 2022 में ही ध्वस्त करने का आदेश हो चुका था। बिना नक्शा पास कराए और नाले-सड़क की जमीन पर कब्जा कर ये निर्माण किए गए थे।
नोटिस के बावजूद कोई जवाब नहीं आया तो अब जमींदोज कर दिया गया। आरिफ के तीनों बरातघर – फहम लॉन, फ्लोरा गार्डन और स्काई लार्क होटल पहले ही सील हो चुके हैं, जल्द ही इन्हें भी गिराया जाएगा। स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आरिफ के रसूख के आगे बीडीए वाले आंखें मूंद लेते थे। सस्ती या दबाव में जमीन हड़पकर एक के बाद एक आलीशान इमारतें खड़ी करता रहा। अब वही रसूख मलबे के ढेर में दफ्न हो गया।

इसी कड़ी में तौकीर रजा के एक अन्य करीबी डॉ. नफीस की 74 दुकानों वाली नावल्टी मार्केट और उसमें मौजूद आईएमसी कार्यालय को नगर निगम ने सील कर दिया। सपा पार्षद के अवैध चार्जिंग स्टेशन को भी नहीं बख्शा गया। योगी सरकार का साफ संदेश – कानून से ऊपर कोई नहीं। जो पहले रसूख के दम पर कानून को ठेंगा दिखाता था, आज उसी के महल मिट्टी में मिल गए।








