नई दिल्ली, 4 जनवरी 2025। Budget 2026: अपना घर खरीदना हर मिडिल क्लास परिवार का सपना है, लेकिन पिछले कुछ सालों में प्रॉपर्टी कीमतों में 25-30% की बढ़ोतरी और महंगे होम लोन ने इस सपने को मुश्किल बना दिया है। RBI के आंकड़ों के अनुसार, देश में होम लोन का कुल आउटस्टैंडिंग अमाउंट 27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुका है। बड़ी संख्या में लोग लोन लेकर घर खरीद रहे हैं, लेकिन ऊंची EMI उनके बजट पर भारी पड़ रही है। ऐसे में यूनियन बजट 2026 रियल एस्टेट और हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।
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एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार टैक्स राहत बढ़ाकर, सब्सिडी स्कीम रिवाइव करके और लोन प्रोसेस आसान बनाकर घर खरीदारी को प्रोत्साहित कर सकती है। वर्तमान में सेक्शन 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर सालाना 2 लाख रुपये तक की टैक्स डिडक्शन मिलती है। रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स की मांग है कि इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जाए, क्योंकि प्रॉपर्टी कीमतें और लोन अमाउंट बहुत बढ़ चुके हैं।
इसी तरह सेक्शन 80C के तहत प्रिंसिपल रीपेमेंट पर 1.5 लाख रुपये की लिमिट है, जिसमें PF, इंश्योरेंस आदि भी शामिल होते हैं। अलग से प्रिंसिपल के लिए हायर लिमिट या सेपरेट डिडक्शन की डिमांड है। अगर ये बदलाव होते हैं, तो मिडिल क्लास को सालाना 40-75 हजार रुपये तक की अतिरिक्त बचत हो सकती है और EMI का बोझ कम होगा।
कई एक्सपर्ट्स 80C की लिमिट को 3 लाख तक बढ़ाने की भी सिफारिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) मिडिल इनकम ग्रुप के लिए बंद हो चुकी है, लेकिन बजट 2026 में इसे रिवाइव करने की मजबूत मांग है। इससे होम लोन की ब्याज दर 1-2% तक कम हो सकती है और पूरे लोन टेन्योर में 3-5 लाख रुपये की बचत संभव है।
साथ ही, फर्स्ट टाइम बायर्स के लिए सेक्शन 80EEA जैसी अतिरिक्त डिडक्शन की वापसी और न्यू टैक्स रिजीम में इसे एक्सटेंड करने की उम्मीद है। ये कदम अफोर्डेबल हाउसिंग को बूस्ट देंगे। आसान लोन ट्रांसफर और डिजिटल प्रोसेस, होम लोन अप्रूवल, रीफाइनेंस और बैलेंस ट्रांसफर में अभी लंबा समय लगता है। एक्सपर्ट्स नो-कॉस्ट लोन पोर्टेबिलिटी, कंस्ट्रक्शन माइलस्टोन से लिंक्ड डिस्बर्समेंट और स्टैंडर्डाइज्ड डिस्क्लोजर की मांग कर रहे हैं। इससे ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी और बायर्स का कॉन्फिडेंस मजबूत होगा।
2025 में RBI ने repo rate 125 bps कट करके 5.25% किया, जिससे होम लोन रेट्स 7.1-7.9% तक आए हैं। 2026 में और कट की संभावना से लोन और सस्ता हो सकता है। अगर बजट में टैक्स राहत और सब्सिडी मिलती है, तो हाउसिंग सेक्टर को नई रफ्तार मिलेगी और घर खरीदना सचमुच आसान हो जाएगा। घर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो बजट का इंतजार करें—बड़ी खुशखबरी मिल सकती है!
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