मुरादाबाद, 4 दिसंबर 2025। BLO Suicide: मुरादाबाद में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य के भारी दबाव ने एक शिक्षक सर्वेश सिंह की जान ले ली। उन्होंने तीन पेज के सुसाइड नोट में 481 शब्दों के जरिए अपना दर्द बयां किया, जिसमें परिवार, बेटियों और काम की चुनौतियों का जिक्र है। मौत से पहले बनाई गई 2 मिनट 40 सेकंड की वीडियो में वे रोते हुए बोल भी नहीं पा रहे थे।
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सर्वेश ने नोट में लिखा कि यह काम पहली बार मिला था, जानकारी की कमी के कारण दिन-रात मेहनत के बावजूद टारगेट पूरा नहीं हो पाया। इससे मानसिक संतुलन बिगड़ गया और आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। उन्होंने परिवार का हौसला बढ़ाने का जिक्र किया, लेकिन खुद को हारा हुआ बताया। “कहने को बहुत कुछ बाकी है, पर समय कम है। मैं बेचैन, घुटन में और डरा हुआ हूं। मेरी चार छोटी बेटियां हैं, वे मासूम हैं, उनका ख्याल रखना।” नोट में वे लिखते हैं कि अगर समय ज्यादा होता तो काम पूरा कर लेते, लेकिन अब जीने की इच्छा होते हुए भी मजबूर हैं।
उन्होंने खुद को ही जिम्मेदार ठहराया और किसी को दोष नहीं दिया। विद्यालय के बच्चों को प्यार भेजा और पढ़ाई में मन लगाने की सलाह दी। परिवार के अनुसार, पिछले पांच दिनों से सर्वेश डर में जी रहे थे। अनहोनी का भय सता रहा था, इसलिए कोई न कोई उनके साथ रहता था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने फांसी से मौत की पुष्टि की। मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर पुलिस अलर्ट रही, जहां शिक्षकों का जमावड़ा लग गया।
साथी शिक्षक उनकी कार्यशैली की तारीफ करते रहे, बताया कि वे गंभीर थे और 70% से ज्यादा डाटा फीडिंग कर चुके थे, जो जिले के औसत से अधिक था। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भी पहुंचे, लेकिन उन्हें ज्यादा देर रुकने नहीं दिया गया ताकि कोई असहज स्थिति न बने।पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सर्वेश की पहली पत्नी ने भी शादी के एक साल बाद खुदकुशी की थी। उसके बाद दूसरी शादी से चार बेटियां हुईं। पत्नी बबली ने आरोप लगाया कि एसआईआर शुरू होने के 7-8 दिन बाद पति को BLO ड्यूटी पर लगाया गया, बिना ट्रेनिंग के। काम न करने पर जेल की धमकी मिली, जिससे वे परेशान हो गए।
हालांकि, शिक्षा विभाग के अधिकारी कहते हैं कि सर्वेश संजीदा थे, ट्रेनिंग ली थी और एप की ट्रेनिंग भी। पहले बूथ की जिम्मेदारी रिंकू यादव के पास थी, लेकिन सर्वेश ने खुद पत्र लिखकर स्वेच्छा से ड्यूटी ली। पत्र में उन्होंने लिखा, “मैं सर्वेश सिंह रिंकू यादव के स्थान पर BLO ड्यूटी स्वेच्छा से करना चाहता हूं।” यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल है और पुलिस जांच कर रही है।
जिला निर्वाचन अधिकारी अनुज सिंह ने कहा कि सर्वेश ने 75% कार्य पूरा कर लिया था, जो औसत से ज्यादा था। कार्य गुणवत्तापूर्ण था, कोई कठिनाई नहीं दिखी। सुपरवाइजर सजग थे और गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सहायता के लिए लगाया गया था। पुलिस जांच जारी है। परिवार को आर्थिक सहायता, मृतक आश्रित कोटे से नौकरी और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है। यह घटना BLO ड्यूटी के दबाव और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी पर सवाल उठाती है।
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