पटना, 30 अक्टूबर 2025। Bihar Elections: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी चरम पर है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने दृढ़ विश्वास जताया है कि राज्य की जनता ने उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव को अगला मुख्यमंत्री बनाने का मन बना लिया है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की वरिष्ठ नेता ने कहा कि तेजस्वी युवा और ऊर्जावान नेता हैं, जो वादे पूरे करने में कभी पीछे नहीं हटते।
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महागठबंधन ने तेजस्वी को सीएम पद का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री के रूप में पेश किया गया है। मंगलवार को पटना में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में महागठबंधन ने अपना घोषणापत्र ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’ जारी किया। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर कई महत्वाकांक्षी वादे किए गए हैं। राबड़ी देवी ने कहा, “बिहार की जनता ने फैसला कर लिया है कि तेजस्वी ही सीएम बनेंगे। वे जो कहते हैं, वही निभाते हैं।”
उन्होंने एनडीए पर निशाना साधते हुए दावा किया कि नीतीश कुमार अब कभी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। “एनडीए उन्हें सीएम पद पर नहीं बिठाएगा। राबड़ी देवी ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव का भी खुलकर समर्थन किया। आरजेडी से निष्कासित तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) नाम से नई पार्टी बनाई है और इसी के बैनर तले चुनाव लड़ रहे हैं। जब पत्रकारों ने इस पर सवाल किया, तो राबड़ी ने कहा, “तेज प्रताप अपनी जगह पर बिल्कुल सही हैं।”
यह बयान परिवार में राजनीतिक मतभेदों के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर छठ पूजा के अपमान के आरोपों पर राबड़ी ने सफाई दी। “छठ का कोई अपमान नहीं हुआ। हमारा पूरा परिवार छठ मनाता है,” उन्होंने स्पष्ट किया। बीजेपी द्वारा लालू परिवार को निशाना बनाने के सवाल पर उन्होंने तीखा प्रहार किया। “बिहार में सिर्फ लालू परिवार ही है, जिसे बीजेपी निशाना बनाती है।
मोदी सरकार ने देश को बेच दिया, सारी सरकारी कंपनियां निजीकृत कर दीं। पैसा कहां गया? मोदी जी के घर!” उन्होंने नीतीश सरकार में 70 हजार करोड़ के कथित घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि लालू यादव पर लगे आरोप साबित ही नहीं हुए, फिर भी सजा दी गई। “हम लड़ेंगे, बिहार की जनता हमारे साथ है।” दूसरी ओर, तेजस्वी यादव ने बीजेपी-नीत एनडीए पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए बिहार को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करता है, जबकि उद्योग गुजरात में ले जाकर राज्य को बंधक बना रखा है। “यह चुनाव एनडीए को सत्ता से बाहर करने का सुनहरा मौका है।
बिहार के नागरिक एकजुट हों और इन पार्टियों को लौटने न दें,” तेजस्वी ने अपील की। उन्होंने मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना को ‘चुनावी रिश्वत’ करार दिया, जिसमें 10 लाख महिलाओं को 10,000 रुपये दिए जा रहे हैं। “सरकार महिलाओं के खातों में पैसे डाल रही है, लेकिन चुनाव आयोग इसकी इजाजत कैसे दे रहा है?” उन्होंने सवाल उठाया। इससे पहले तेजस्वी ने अमित शाह पर तंज कसा था कि बिहार में उद्योग न लगने का बहाना जमीन की कमी बताना हास्यास्पद है।
बिहार में 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि 14 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। महागठबंधन की यह रणनीति एनडीए को कड़ी टक्कर देने वाली नजर आ रही है, जहां जातिगत समीकरण और विकास के वादे प्रमुख मुद्दे हैं। राबड़ी का बयान विपक्षी एकता को मजबूत करने का संदेश देता है।
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