Home » ताजा खबरें » बिहार » Bihar Assembly Elections: अलीनगर सीट को लेकर बीजेपी में बगावत, पप्पू सिंह निर्दलीय मैदान में, मैथिली ठाकुर की बढ़ेगी मुश्किल

Bihar Assembly Elections: अलीनगर सीट को लेकर बीजेपी में बगावत, पप्पू सिंह निर्दलीय मैदान में, मैथिली ठाकुर की बढ़ेगी मुश्किल

Share :

Bihar Assembly Elections

Share :

पटना, 17 अक्टूबर 2025। Bihar Assembly Elections: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के नामांकन का आज अंतिम दिन है, और इसी बीच अलीनगर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में बड़ा विद्रोह मच गया है। पार्टी से टिकट न मिलने पर स्थानीय नेता संजय कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। वे आज अपना नामांकन दाखिल करेंगे, जो लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर रहा है।

इसे भी पढ़ें- Bihar Elections 2025: BJP उम्मीदवार मैथिली ठाकुर का विरोध, सात मंडल अध्यक्षों ने कर डाली प्रत्याशी बदलने की मांग

बीजेपी ने अलीनगर से मैथिली ठाकुर को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन स्थानीय नेताओं का विरोध शुरू हो चुका है। बिहार की 243 सीटों में से पहले चरण की 121 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया आज समाप्त हो रही है। कई बड़े नेता आज मैदान में उतरेंगे, जिसमें मैथिली ठाकुर भी शामिल हैं। अलीनगर, जो दरभंगा जिले के अंतर्गत आती है, पहले बीजेपी का गढ़ रहा है। यहां से वर्तमान विधायक मिश्री लाल यादव हैं, लेकिन इस बार पार्टी ने आश्चर्यजनक फैसला लेते हुए बाहरी चेहरे के रूप में मैथिली ठाकुर को टिकट थमा दिया।

maithili thakur

 

मैथिली, जो भोजपुरी और मैथिली लोक संगीत की मशहूर गायिका हैं, राजनीति में नई हैं। उनका नामांकन भी आज होगा, लेकिन स्थानीय स्तर पर असंतोष की लहर चल पड़ी है। पप्पू सिंह ने अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैं पार्टी के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन स्थानीय जनता की भावनाओं और आग्रह का सम्मान करता हूं। पार्टी ने तुगलकी फरमान जारी कर एक बाहरी उम्मीदवार को टिकट दिया, जो इस क्षेत्र की जनता को स्वीकार नहीं।

पार्टी चाहे तो मुझे निकाल सकती है, लेकिन मैं जनभावना के आगे नहीं झुक सकता।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यह चुनाव उनकी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि जनता की आवाज है। “अलीनगर की जनता चाहती है कि उनका बेटा, जो उनके सुख-दुख में साथ खड़ा रहता है, वही उनका प्रतिनिधि बने। जनता को नेता नहीं, बेटा चाहिए। मैं चुनाव नहीं लड़ रहा, जनता खुद लड़ रही है।”बीजेपी मंडल स्तर के नेताओं ने पहले ही पप्पू सिंह को खुला समर्थन दे दिया था।

एक बैठक में कार्यकर्ताओं ने एकमत से कहा कि बाहरी उम्मीदवार को स्वीकार नहीं किया जाएगा। आज हर गांव से लोग जुटे, और सभी ने पप्पू सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। यह बैठक पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नहीं, बल्कि जनभावना के सम्मान में आयोजित की गई थी। पप्पू सिंह का दावा है कि उनके समर्थन में स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ है, और वे विकास, रोजगार व स्थानीय मुद्दों पर फोकस करेंगे। महागठबंधन की ओर से अभी तक सभी सीटों पर उम्मीदवार घोषित नहीं हुए हैं, जो उनकी रणनीति को प्रभावित कर सकता है। वहीं, बीजेपी में यह बगावत पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अलीनगर जैसे सीटों पर स्थानीय चेहरा बनाम सेलिब्रिटी फेस की लड़ाई रोचक होगी। मैथिली ठाकुर की लोकप्रियता निश्चित रूप से वोट बटोर सकती है, लेकिन पप्पू सिंह का विद्रोह उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। यदि बगावत सफल रही, तो बीजेपी को अन्य सीटों पर भी असर झेलना पड़ सकता है। बिहार की सियासत में यह घटना एक नया मोड़ ला रही है, जहां स्थानीय भावनाएं राष्ट्रीय दलों की रणनीति को चुनौती दे रही हैं। देखना होगा कि नामांकन के बाद वोटिंग डे पर क्या समीकरण बनते हैं।

इसे भी पढ़ें- Bihar Elections 2025: बीजेपी ने जारी की उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट, मैथिली ठाकुर को अलीनगर से दिया टिकट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
News Portal Development Services in Uttar Pradesh
Cricket Score
सबसे ज्यादा पड़ गई
Share Market

शहर चुनें

Follow Us