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Big Move Congress: चुनावी मोर्चे पर कांग्रेस का बड़ा दांव, 5 प्रमुख राज्यों में नियुक्त हुए ‘वार रूम’ प्रमुख

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Big Move Congress

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नई दिल्ली, 8 अक्टूबर 2025। Big Move Congress: आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटे कांग्रेस ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रमुख राज्यों में राज्यवार चुनावी ‘वार रूम’ के लिए अध्यक्षों और उपाध्यक्षों की नियुक्ति की घोषणा की। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा मंजूर इन नियुक्तियों को पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए सार्वजनिक किया। ये नवनियुक्त नेता अपने-अपने राज्यों में चुनावी रणनीति, प्रचार अभियान, समन्वय प्रयासों और संगठनात्मक मजबूती की जिम्मेदारी संभालेंगे।

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यह कदम पार्टी की व्यापक चुनावी तैयारी का हिस्सा है, जो संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और बीजेपी-नीत एनडीए के खिलाफ चुनौतीपूर्ण मोर्चों पर सजग रहने का संकेत देता है। तत्काल प्रभाव से लागू ये नियुक्तियां 2026 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की वापसी की उम्मीदों को बल देंगी। राज्यवार नियुक्तियों पर नजर डालें तो असम में अमित सिहाग को ‘वार रूम’ का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि ऋतुपर्णा कोंवर और शांतनु बोरा को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

असम का राजनीतिक परिदृश्य भाजपा-नीत एनडीए के कब्जे में है, जहां मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अगुवाई में सत्ताधारी गठबंधन मजबूत पकड़ रखता है। 2026 के चुनाव एनडीए की सत्ता टिकाने की क्षमता की कसौटी साबित होंगे, लेकिन कांग्रेस इन नियुक्तियों से अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्गों को एकजुट करने की रणनीति पर फोकस करेगी। पश्चिम बंगाल में बीपी सिंह को अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यहां ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का गढ़ है, जो संगठित हो रही भाजपा के खिलाफ अपनी सत्ता बचाने की जद्दोजहद में है।

सांप्रदायिक तनाव, भ्रष्टाचार के आरोप और सीमा सुरक्षा मुद्दे राजनीतिक बहस को गरमा रहे हैं। कांग्रेस का यह कदम विपक्षी एकता को मजबूत करने और टीएमसी-भाजपा द्वंद्व का फायदा उठाने का प्रयास लगता है। केरल में हर्ष कणादम को अध्यक्ष बनाया गया। राज्य का दृश्य सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और कांग्रेस-नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच कड़ा मुकाबला वाला है। यहां विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर बहस तेज है, और कांग्रेस अपनी पारंपरिक ताकत को पुनर्जीवित करने के लिए रणनीतिक समन्वय पर जोर देगी।

तमिलनाडु में बीआर नायडू अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की डीएमके सत्ता में है, लेकिन अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन और अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) चुनौतियां पेश कर रही हैं। कांग्रेस-डीएमके गठबंधन की कोशिशों के बीच ये नियुक्तियां क्षेत्रीय दलों के साथ तालमेल बिठाने में मदद करेंगी। पुडुचेरी में जॉन अशोक वरदराजन को अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यहां एआईएनआरसी-भाजपा नीत एनडीए शासन कर रहा है, लेकिन छोटा विधानसभा क्षेत्र और दलबदल का इतिहास इसे अस्थिर बनाता है।

मुख्यमंत्री एन रंगासामी की अगुवाई वाली सरकार की परीक्षा होगी, जबकि कांग्रेस और डीएमके की वापसी की कोशिशें रणनीतिक होंगी। ये नियुक्तियां कांग्रेस की चुनावी मशीनरी को तेज करने का प्रयास हैं। पार्टी का मानना है कि मजबूत ‘वार रूम’ से डेटा एनालिसिस, वोटर आउटरीच और प्रचार को प्रभावी बनाया जा सकेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम बीजेपी की उभरती ताकत के खिलाफ कांग्रेस की रक्षा रेखा मजबूत करेगा। कुल मिलाकर, यह संगठनात्मक पुनरुद्धार का संकेत है, जो 2026 के चुनावों में निर्णायक साबित हो सकता है।

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