नई दिल्ली, 6 दिसंबर 2025। Bharatmala Expressway: चंदौली से कोलकाता की मौजूदा सड़क यात्रा में 13-16 घंटे लगते हैं, लेकिन भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे 686 किमी लंबे 8-लेन एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद यह दूरी मात्र 6 घंटे में पूरी हो जाएगी। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को सीधे जोड़ेगा और कुल लागत लगभग 24,275 करोड़ रुपये आएगी।
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रूट और लंबाई
कुल लंबाई: 686 किमी (100 मीटर चौड़ा, 8 लेन)
प्रमुख शहर: चंदौली → भभुआ → सासाराम → औरंगाबाद → बोकारो → रांची → पुरुलिया → कोलकाता
राज्यवार लंबाई
उत्तर प्रदेश (चंदौली): लगभग 22 किमी
बिहार: 159 किमी
झारखंड और पश्चिम बंगाल: शेष भाग
मौजूदा प्रगति (दिसंबर 2025 तक) फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंदौली से कोलकाता खंड की आधारशिला रखी थी। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी आई है। चंदौली जिले में 31 गांवों से गुजरने वाले इस एक्सप्रेसवे के लिए 90% से अधिक भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है और किसानों को मुआवजा दे दिया गया है। जगह-जगह पुलों का निर्माण शुरू हो गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना प्रबंधक संचित मंगला के अनुसार, झारखंड-वाराणसी खंड (413 किमी) पर विभिन्न चरणों में भौतिक कार्य चल रहा है। कुछ जगहों पर वन मंजूरी में देरी के कारण काम रुका हुआ है, लेकिन अब गति बढ़ गई है। पूरा प्रोजेक्ट 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है यानी अभी करीब तीन साल बाकी हैं।
आर्थिक और सामरिक लाभ
कोलकाता-हल्दिया बंदरगाहों से बोकारो स्टील प्लांट और धनबाद की कोयला खदानों तक तेज परिवहन
निर्यात बढ़ेगा, आयात निर्भरता घटेगी
पूर्वी भारत में नए उद्योग और रोजगार के अवसर
पर्यटन को बढ़ावा – झारखंड और पश्चिमी बंगाल के छोटे-छोटे पर्यटन स्थल आसानी से पहुंच योग्य होंगे
काशी (वाराणसी) से कोलकाता की दूरी 710 किमी हो जाएगी, समय 14 घंटे से घटकर 6 घंटे
देशव्यापी कनेक्टिविटी
यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे कोलकाता एक तरफ दिल्ली-जम्मू-कश्मीर और दूसरी तरफ राजस्थान तक सीधे हाई-स्पीड कॉरिडोर से जुड़ जाएगा।संक्षेप में, यह एक्सप्रेसवे सिर्फ पूर्वांचल को नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी भारत को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने वाला गेम-चेंजर साबित होगा।
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