लखनऊ, 28 सितंबर 2025। Bareilly Violence: उत्तर प्रदेश के बरेली में ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद के बाद भड़की हिंसा ने पूरे राज्य को तनाव में डाल दिया है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मस्जिद के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच पथराव व झड़पें हुईं, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इस बवाल के महज 24 घंटे के अंदर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीसरा सख्त अल्टीमेटम जारी किया। उन्होंने उपद्रवियों को चेतावनी दी कि दंगा फैलाने वालों को ‘जहन्नुम की सैर’ कराई जाएगी, और ‘गजवा-ए-हिंद’ जैसे षड्यंत्र रचने वालों को ‘नरक का टिकट’ थमा दिया जाएगा।
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योगी का यह बयान राजनीतिक हलकों में जोरदार बहस छेड़ रहा है। बवाल की जड़ें 9 सितंबर को कानपुर के बारावफात जुलूस में लगे ‘आई लव मुहम्मद’ बोर्डों से जुड़ी हैं, जिन्हें हिंदू संगठनों ने उकसावे के रूप में देखा। बरेली में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान ने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया। जुमे की नमाज के बाद सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए, और पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। रविवार सुबह तक 25 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें तौकीर रजा खान भी शामिल हैं।

प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दीं, और भारी पुलिस बल तैनात किया गया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन तनाव बरकरार है। योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “कल बरेली में एक मौलाना भूल गया कि राज्य में सत्ता किसकी है। वह सोचता था कि सिस्टम को जब चाहे रोक सकता है, लेकिन हमने साफ कर दिया कि न सड़क ब्लॉक होगी, न कर्फ्यू लगेगा।”
उन्होंने 2017 से पहले की पुरानी प्रथा का जिक्र करते हुए कहा कि दंगाइयों को सम्मान देने वाले दिन लद गए हैं। “अब दंगा करने वाले जहन्नुम की आग में झुलसेंगे। गजवा-ए-हिंद जैसे नामों से भारत को कमजोर करने की साजिश रचने वालों को नरक का सीधा टिकट मिलेगा।” यह उनका तीसरा अल्टीमेटम था- पहले दशहरा पर शांति बनाए रखने का आदेश, दूसरा महिलाओं की सुरक्षा पर जोर, और अब दंगों पर जीरो टॉलरेंस।
योगी ने निर्देश दिए कि किसी भी उपद्रव पर बुलडोजर एक्शन तत्काल होगा।विपक्ष ने योगी के बयान को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, “मुख्यमंत्री की भाषा शांति के बजाय आग भड़का रही है।” वहीं, बीजेपी ने इसे मजबूत प्रशासन का प्रतीक बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना आने वाले त्योहारों-दुर्गा पूजा और दशहरा- से पहले राज्य में सतर्कता बढ़ा देगी।
पुलिस ने जांच तेज कर दी है, और अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। बरेली में अब शांति है, लेकिन योगी का अल्टीमेटम पूरे यूपी में गूंज रहा है। यदि उपद्रव जारी रहे, तो कड़ी कार्रवाई निश्चित है। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था, बल्कि सामाजिक सद्भाव पर भी सवाल खड़े कर रही है।
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