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Ayodhya Blast: पटाखों के अवैध भंडारण से घर जमींदोज, एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

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Ayodhya Blast

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अयोध्या, 10 अक्टूबर 2025। Ayodhya Blast: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। भदरसा-भरतकुंड नगर पंचायत के महाराणा प्रताप वार्ड स्थित पगलाभारी गांव में गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे रामकुमार गुप्त उर्फ पारसनाथ के मकान में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की गूंज एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। इस भयावह हादसे में पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें रामकुमार के तीन मासूम बच्चे भी शामिल हैं।

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कई अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि मलबे में और लोगों की फंसने की आशंका से बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा। मरने वालों में गृहस्वामी रामकुमार गुप्त (पुत्र गुरु प्रसाद), उनकी 10 वर्षीय बेटी ईशा, 7 वर्षीय बेटा लव, 5 वर्षीय बेटा यश और जीवपुर निवासी राम सजीवन शामिल हैं। राम सजीवन मकान पर ही काम करता था। घटनास्थल पर फटा हुआ कुकर और गैस सिलेंडर मिलने से शुरुआत में रसोई गैस लीक की आशंका जताई गई, लेकिन जांच में अवैध पटाखों के भंडारण का खुलासा हुआ।

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ईंधन गैस की तेज बदबू और मलबे में बिखरे पटाखों के अवशेषों ने इसकी पुष्टि की। रामकुमार आटा चक्की चलाते थे, लेकिन गुप्त रूप से पटाखों का कारोबार भी करते थे। यह हादसा रामकुमार के घर में 18 महीनों में दूसरा विस्फोट है। 13 अप्रैल 2024 को इसी मकान में पहला धमाका हुआ था, जिसमें रामकुमार की मां शिवपता (65 वर्ष), पत्नी बिंदु (25 वर्ष) और पड़ोस की युवती प्रियंका (19 वर्ष) की मौत हो गई थी। उस समय भी पटाखों के अवैध स्टोरेज को वजह बताया गया था।

रामकुमार और उनके बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए थे। हादसे के बाद रामकुमार ने मधुपुर मार्ग पर नया मकान बनाया और फिर से पटाखे का अवैध कारोबार शुरू किया। दोनों धमाकों में कुल आठ जिंदगियां खो चुकी हैं। रामकुमार का पूरा परिवार खत्म हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध कारोबार पर नकेल न कसने से ऐसी त्रासदी दोहराई गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की।

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी और सीओ अयोध्या भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाया गया। डॉग स्क्वॉयड, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और जेसीबी मशीनों से रेस्क्यू चला। मलबे से पांच शव निकाले गए, जिन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने चार को मृत घोषित किया, जबकि एक बच्चे ने उपचार के दौरान दम तोड़ा। घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया।

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जिलाधिकारी और एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर शोक व्यक्त किया और अधिकारियों को सतत निगरानी तथा उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए। प्रदेश स्तर पर बैठक बुलाई गई है। पुलिस ने पटाखों के अवैध व्यापार पर सख्ती बढ़ाने का ऐलान किया है। यह घटना अयोध्या जैसे धार्मिक नगरी में सुरक्षा चूक की ओर इशारा करती है, जहां राम मंदिर के प्रबंधन के बीच स्थानीय सुरक्षा पर भी ध्यान जरूरी है। ग्रामीणों में आक्रोश है, महिलाओं ने फिर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। जांच पूरी होने तक बचाव कार्य जारी रहेगा।

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