आगरा, 6 दिसंबर 2025। बाबरी मस्जिद विध्वंस की 32वीं बरसी यानी 6 दिसंबर 2025 को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फतेहपुर सीकरी स्थित हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह पर हाजिरी दी। उनके साथ पत्नी एवं करहल सांसद डिंपल यादव और राज्यसभा सांसद जया बच्चन भी मौजूद रहीं। अखिलेश ने दरगाह पर चादर चढ़ाई, माथा टेका और मन्नत का धागा बांधा।
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गौरतलब है कि 2012 में भी मुख्यमंत्री रहते अखिलेश इसी दरगाह पर मन्नत का धागा बांध चुके हैं। राजनीतिक गलियारों में इस दौर की टाइमिंग को बेहद अहम माना जा रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम वोट बैंक को एकजुट करने और PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को मजबूत करने की रणनीति साफ दिखाई दे रही है। दरगाह से बाहर निकलते ही अखिलेश ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कई मुद्दों पर तीखा प्रहार किया।

संविधान और PDA पर हमला बोलते हुए अखिलेश ने बिना नाम लिए कहा, “वर्चस्ववादी ताकतें PDA का अपमान कर रही हैं। सुप्रीम कोर्ट में जूता फेंका जाता है। संविधान की किताब ही हमारे हक और आरक्षण की रक्षा कर रही है। अगर संविधान कमजोर हुआ तो PDA कमजोर हो जाएगा।” उन्होंने साफ कहा कि इस बार समाजवादी पार्टी अपना वोट बचाने पर फोकस करेगी, न कि उसे कटवाने की चिंता करेगी।
इंडिगो फ्लाइट संकट पर केंद्र सरकार को घेरते हुए अखिलेश ने कहा, “इंडिगो क्राइसिस के बहाने कुछ उद्योगपतियों को मजबूत करने की साजिश हो रही है, ऐसी समस्याएं आएंगी।” यमुना की सफाई के मुद्दे पर भी उन्होंने बीजेपी और दिल्ली सरकार पर निशाना साधा। बोले, “बीजेपी वाले कहते हैं यमुना आचमन लायक है, लेकिन ये तो नाला बन चुकी है। सपा की सरकार बनेगी तो लखनऊ की तरह गोमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर मथुरा से आगरा तक यमुना को चमकदार बनाएंगे।
एतबार से सौहार्द तक!
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— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 6, 2025
दिल्ली वालों से भी कहेंगे कि आपने यमुना को इतना गंदा क्यों किया?” चुनावी रणनीति पर पहली बार खुलकर अखिलेश ने कहा, “बीजेपी से रणनीति बनाना सीखना होगा। इस बार सर्वे के आधार पर ही टिकट बांटे जाएंगे।” मेट्रो और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को सपा की देन बताते हुए उन्होंने कहा, “इस बार यमुना उल्टी बहेगी। ”बाबरी बरसी पर दरगाह पहुंचकर अखिलेश ने सांकेतिक रूप से साफ कर दिया कि 2027 में PDA और संविधान ही उनकी सबसे बड़ी चुनावी पूंजी होंगे।
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