नई दिल्ली, 24 दिसंबर 2025: AAP vs LG: दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 15 पेज का एक तीखा पत्र लिखा है, जिसमें दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) की पिछले 11 वर्षों की सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया गया है। सक्सेना ने आरोप लगाया कि AAP सरकार की लापरवाही और आपराधिक निष्क्रियता के कारण आज दिल्ली गंभीर प्रदूषण संकट का सामना कर रही है।
इसे भी पढ़ें-Ladakh Protests: सोनम वांगचुक के समर्थन में अरविंद केजरीवाल का खुला ऐलान, केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप
उन्होंने कहा कि केजरीवाल केवल बड़ी-बड़ी घोषणाएं करने में माहिर थे, लेकिन कार्यान्वयन में पूरी तरह असफल रहे। पत्र में उपराज्यपाल ने व्यक्तिगत स्तर पर भी तंज कसा। उन्होंने लिखा कि चुनाव में हार के बाद केजरीवाल ने उनसे मिलना बंद कर दिया और पंजाब में रहने लगे। जब उन्होंने फोन करके संपर्क करने की कोशिश की तो पता चला कि केजरीवाल ने उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया है। दीपावली की शुभकामनाएं देने के लिए संदेश भेजने पर यह बात सामने आई।
सक्सेना ने कहा, “ये सारी बातें मैं आपको व्यक्तिगत रूप से या फोन पर बता सकता था, लेकिन आपने संपर्क के सभी रास्ते बंद कर दिए।” उपराज्यपाल ने 2022 की एक निजी बातचीत का जिक्र करते हुए खुलासा किया कि जब उन्होंने केजरीवाल से प्रदूषण पर चर्चा की तो पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे महज “15-20 दिनों का हंगामा” बताया। केजरीवाल ने कहा था कि मीडिया, एनजीओ और अदालतें इसे उठाती हैं, लेकिन बाद में सब भूल जाते हैं, इसलिए ज्यादा ध्यान न दें।
सक्सेना ने इसे दोहरा चरित्र करार दिया और कहा कि AAP सरकार ने धूल नियंत्रण, यमुना सफाई, ड्रेनेज सिस्टम, सार्वजनिक परिवहन और नए अस्पतालों-सड़कों के निर्माण में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पत्र में कई अन्य आरोप भी लगाए गए, जैसे मेट्रो फेज-4, ई-बसें और RRTS प्रोजेक्ट में देरी, कैबिनेट मीटिंग बंद करना, CAG रिपोर्ट्स को विधानसभा में न पेश करना और विज्ञापनों पर अरबों रुपये खर्च करना।
सक्सेना ने कहा कि, वर्तमान 10 महीने पुरानी भाजपा सरकार उनकी गलतियों को सुधारने की कोशिश कर रही है, लेकिन AAP छोटी राजनीति और झूठ फैलाकर इसे बाधित कर रही है। शायराना अंदाज में तंज कसते हुए उपराज्यपाल ने पत्र के अंत में एक शेर लिखा:”जब किसी से कोई गिला रखना, सामने अपने आईना रखना।
मिलना जुलना जहां जरूरी हो, मिलने जुलने का हौसला रखना।” उन्होंने कहा कि केजरीवाल और उनके सहयोगी दिल्लीवासियों के हित में काम करने पर उन्हें गालियां देते रहे, लेकिन उनकी निष्क्रियता सामने आने पर इसमें उनका कोई दोष नहीं। अंत में सक्सेना ने पंजाब की जनता को शुभकामनाएं दीं, क्योंकि केजरीवाल अब वहां ज्यादा समय बिताते हैं। इस पत्र से दिल्ली की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। AAP ने इसे “पत्र नौटंकी” करार दिया और कहा कि प्रदूषण नियंत्रण की जिम्मेदारी वर्तमान सरकार की है।
इसे भी पढ़ें- Delhi Politics: अरविंद केजरीवाल को 10 दिन में मिलेगा सरकारी आवास, HC में सॉलिसिटर जनरल का दावा








