हापुड़, 28 नवंबर 2025। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के तीर्थनगरी गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट पर उस समय सनसनी फैल गई जब लोग चिता पर जलने वाली ‘लाश’ को देखकर दंग रह गए। दरअसल, ये लाश नहीं बल्कि एक कपड़े का पुतला था, जिसे दिल्ली का एक व्यापारी 50 लाख रुपये के इंश्योरेंस क्लेम हड़पने के लिए जलाने की फिराक में था।
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दिल्ली के पालम इलाके में रहने वाले कमल सोमानी की करोल बाग में बड़ी कपड़े की दुकान थी। लंबे समय से उस पर 23 लाख रुपये का कर्ज चढ़ा था जो ब्याज समेत करीब 50 लाख रुपये तक पहुंच गया। दबाव इतना बढ़ गया कि दुकान भी बिक गई। कर्ज से बचने के लिए कमल ने एक खतरनाक और शातिराना प्लान बनाया। उसने अपनी दुकान पर काम करने वाले ओडिशा निवासी 30 साल के कर्मचारी अंशुल के नाम पर बिना उसकी जानकारी के 50 लाख रुपये का एक्सीडेंटल लाइफ इंश्योरेंस करा लिया। फिर इंश्योरेंस क्लेम करने के लिए अंशुल को ही ‘मृत’ दिखाने की तैयारी की।
कमल ने दुकान में रखे एक बड़े पुतले को ही ‘अंशुल का शव’ बना दिया। 27 नवंबर 2025 को कमल सोमानी अपने दोस्त आशीष खुराना और दो अन्य लोगों के साथ दिल्ली से कार लेकर गढ़मुक्तेश्वर ब्रजघाट पहुंचा। वहां पास की दुकान से अर्थी का सारा सामान, लकड़ियां और घी खरीदा।
चिता सजाई गई, लेकिन जब कार में से ‘शव’ निकाला गया तो वह इतना हल्का था कि एक व्यक्ति ने कंधे पर उठाकर चिता पर रख दिया। यह देखकर आसपास के लोगों को शक हुआ। भीड़ जमा हो गई और किसी ने चिता पर से कपड़ा हटाया तो सबके होश उड़ गए – चिता पर इंसान का शव नहीं, बल्कि कपड़े का पुतला लेटा था। लोगों ने हंगामा कर दिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
कोतवाली गढ़मुक्तेश्वर पुलिस मौके पर पहुंची तो चार में से दो आरोपी फरार हो गए, जबकि कमल सोमानी और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया। बाद में दिल्ली पुलिस ने भी कमल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कमल ने कबूल किया कि उसका प्लान श्मशान से अंशुल के नाम की मौत की पर्ची लेकर इंश्योरेंस कंपनी से 50 लाख रुपये हड़पने का था। हैरानी की बात यह कि उसके दोस्त आशीष को भी नहीं पता था कि कार में पुतला है।
कमल ने उसे बताया था कि रिश्तेदारी में किसी की मौत हुई है। फिलहाल कमल सोमानी जेल में है और उसके खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह अनोखा मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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