गोंडा, 8 अक्टूबर 2025। Gonda Bypass: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक बड़ी सड़क परियोजना की शुरुआत हो गई है। कर्नलगंज बाईपास का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो लखनऊ और बाराबंकी की यात्रा को काफी आसान बना देगा। 14 किलोमीटर 100 मीटर लंबे इस फोरलेन बाईपास के लिए 16 गांवों से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के लखनऊ खंड के तहत चल रही है, जिसकी कुल लागत 896 करोड़ 50 लाख रुपये है।
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बाईपास गोनवा से शुरू होकर धौरहरा होते हुए मसौलिया तक विस्तारित होगा। इसमें सरयू नदी पर एक नया मजबूत पुल भी शामिल है, जो पुराने सेतु की जगह लेगा। पुराना पुल बार-बार खराब होने से यात्रियों को परेशानी होती रही है। अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल गांवों में कोचा, गोनवा, कादीपुर, कुम्हारगढ़ी, करुआ, सकरौरा ग्रामीण, बिरवा, बसेहिया, मुंडरेवा, हरिगवा, कूरी, पारा, चंगेरिया, भुंभआ, अहिरौरा और मसौलिया प्रमुख हैं।
पहले इन गांवों को चिह्नित किया गया है, अब गाटा संख्या का चिह्नांकन चल रहा है। इसके बाद भूमि स्वामियों से औपचारिक अधिग्रहण किया जाएगा। यह बाईपास कर्नलगंज के 3 किमी पहले और 3 किमी आगे से गुजरेगा, जिससे शहर के मुख्य इलाकों से बचाव होगा। वर्तमान में कर्नलगंज बस अड्डा, हुजूरपुर तिराहा, परसपुर रोड, सरयू कटरा घाट, सरयू और जहांगिरवा रेलवे क्रॉसिंग पर भारी जाम लगता है। प्रतिदिन लगभग एक लाख यात्री देवीपाटन मंडल मुख्यालय गोंडा से लखनऊ, कानपुर आदि जाते हैं, जो इस जाम का शिकार होते हैं।
खासकर गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में देरी से कई जिंदगियां खतरे में पड़ जाती हैं। बाईपास बनने से यात्री सीधे लखनऊ-बाराबंकी पहुंच सकेंगे, यात्रा समय कम होगा और ईंधन की बचत भी। राष्ट्रीय राजमार्ग लखनऊ खंड के अधिशासी अभियंता राजकुमार पिथौरिया ने बताया कि 896 करोड़ की स्वीकृत राशि से बाईपास और सरयू सेतु का निर्माण होगा। अधिग्रहण प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर निर्माण शुरू करने का लक्ष्य है। यह परियोजना न केवल ट्रैफिक को सुगम बनाएगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को नई गति भी देगी। स्थानीय किसानों को उचित मुआवजा मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यूपी सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर नीति के तहत ऐसी परियोजनाएं राज्य के हर कोने तक पहुंच रही हैं।
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