अयोध्या, 31 दिसंबर 2025। Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर परिसर एक बार फिर श्रद्धा और कला के अनूठे संगम का गवाह बना। सोमवार को कर्नाटक की पारंपरिक तंजावूर (थंजावूर) शैली में निर्मित श्रीरामलला के भव्य 2डी चित्र का विधिवत अनावरण किया गया। यह बहुमूल्य कलाकृति सोना, चांदी, हीरे और अन्य रत्नों से जड़ित है, जिसकी चमक देखते ही बनती है। इसे यात्री सुविधा केंद्र (पीएफसी) में तुलसीदास जी की प्रतिमा के पास स्थापित किया गया है, जहां से श्रद्धालु आसानी से इसका दर्शन कर सकेंगे।
इसे भी पढ़ें- Ayodhya Ram Temple: 24 नवंबर को अयोध्या जाएंगे महोबा के ये 42 लोग, राम मंदिर के प्रथम वर्षगांठ समारोह के होंगे साक्षी
अनावरण समारोह में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के न्यासी उडुपी पेजावर मठाधीश स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ महाराज, निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कर-कमलों से पर्दा हटाया। यह चित्र बेंगलुरु की प्रसिद्ध कलाकार श्रीमती जयश्री फणीश (या फणीस) की नौ महीने की कड़ी साधना का परिणाम है।
प्लाई बोर्ड पर थर्मोकोल और क्ले से निर्मित इस 2डी कलाकृति का कुल वजन करीब 4 क्विंटल है, जबकि फ्रेम सहित आकार 10×7 फीट। इसकी अनुमानित लागत ढाई करोड़ रुपये बताई जा रही है। जयश्री ने इसे स्वप्रेरणा से तैयार कर राम मंदिर को भेंट किया। उनके पति डॉ. फणीश और परिवार के सदस्य भी इस अवसर पर मौजूद रहे। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद अयोध्या में श्रद्धालुओं की आस्था अडिग बनी हुई है।
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, प्रतिदिन 70-80 हजार से लेकर 1-1.5 लाख तक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। नए साल की शुरुआत में तो भीड़ रिकॉर्ड तोड़ रही है। वीवीआईपी और सुगम दर्शन पास के स्लॉट 1 जनवरी तक फुल हो चुके हैं, जबकि इन-लाइन पास की बुकिंग 12 जनवरी तक पूरी हो गई। हनुमानगढ़ी मंदिर में भी सुबह से लंबी कतारें लगी हुई हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी के अनुसार, प्रमुख मंदिरों पर पुलिस बल तैनात है। चल रहे 5 दिवसीय प्रतिष्ठा द्वादशी उत्सव और वीआईपी आगमन को देखते हुए व्यवस्था और सख्त की गई है। ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि दर्शन के लिए 7 अलग-अलग बैरिकेड कतारें बनाई गई हैं – दर्शन पास, वरिष्ठ नागरिक, संत, स्थानीय श्रद्धालु और व्हीलचेयर वाले भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था। एक घंटे में दर्शन आसानी से हो जा रहे हैं।
दिल्ली से आए श्रद्धालु सुरेंद्र नाथ ने कहा, “नए वर्ष की शुरुआत रामलला के दर्शन और आशीर्वाद से करना चाहते थे। ठंड कोई मायने नहीं रखती, आस्था सब कुछ है।” अयोध्या की यह रौनक बताती है कि राम मंदिर अब देश की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है।
इसे भी पढ़ें- Ayodhya Ram Mandir: बन कर तैयार हुआ राम मंदिर, 25 नवंबर को ध्वज फहराएंगे पीएम मोदी








