लखनऊ, 25 दिसंबर 2025। UP Assembly: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) का अध्यक्ष बनाने की वजह साफ कर दी है। सीएम योगी ने कहा कि जिस तरह सरकार ने अपराधी माफियाओं की कमर तोड़ी है, उसी तरह नकल माफियाओं की हेकड़ी भी तोड़ी जाएगी। इसके लिए रिटायर्ड डीजीपी को आयोग की कमान सौंपी गई है।
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योगी ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तंज कसते हुए कहा कि नकल की बुरी आदत आप लोगों (सपा) ने डाली है, अब हम सुधारेंगे।विधानसभा में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा, “शिक्षा सेवा चयन आयोग और पुलिस भर्ती बोर्ड में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए हर स्तर पर मजबूत तंत्र विकसित किया गया है। नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए हमने रिटायर्ड डीजीपी को आयोग में बैठाया है।

जैसे माफिया की कमर तोड़ी, वैसे ही नकल माफिया की कमर भी तोड़नी है।” योगी ने आगे कहा कि अगर कोई हेकड़ी दिखाएगा तो उसकी हेकड़ी ठीक करना सरकार की शपथ है। उन्होंने सपा शासनकाल में सरकारी जमीनों पर कब्जे और माफियाओं के हौसले का जिक्र करते हुए बुलडोजर एक्शन का भी उल्लेख किया।प्रशांत कुमार को 17 दिसंबर 2025 को UPESSC का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
1990 बैच के इस आईपीएस अधिकारी ने मई 2025 में डीजीपी पद से रिटायरमेंट लिया था। वे सीएम योगी के भरोसेमंद अधिकारियों में शुमार रहे हैं। उनके कार्यकाल में यूपी पुलिस ने मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद जैसे माफियाओं के खिलाफ कड़े एक्शन लिए। प्रशांत कुमार को ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ कहा जाता है, जिन्होंने 300 से अधिक एनकाउंटर किए। उन्हें लगातार चार साल (2020-2023) राष्ट्रपति पुलिस पदक मिला।
आयोग की जिम्मेदारी माध्यमिक और उच्च शिक्षा में शिक्षकों की भर्ती है, जिसमें टीजीटी, पीजीटी, असिस्टेंट प्रोफेसर और अटल आवासीय स्कूलों के पद शामिल हैं। पिछले कुछ सालों में पेपर लीक और नकल की घटनाओं से भर्तियां प्रभावित हुईं। पूर्व अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय के इस्तीफे के बाद आयोग का काम ठप था। प्रशांत कुमार ने कार्यभार संभालते ही जीरो टॉलरेंस पॉलिसी की बात कही और लंबित भर्तियों को जल्द पूरा करने का वादा किया।
विपक्षी सपा ने नियुक्ति पर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने तंज कसा कि “फेक एनकाउंटर के बाद अब फेक भर्तियां होंगी।” हालांकि, योगी सरकार ने इसे नकल माफिया पर सर्जिकल स्ट्राइक बताया। यह नियुक्ति शिक्षक भर्तियों में पारदर्शिता और सख्ती लाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में आयोग से बड़ी भर्तियों की घोषणा की उम्मीद है।
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