लखनऊ, 23 दिसंबर 2025। Somwar Puja: हिंदू धर्म में सप्ताह के प्रत्येक दिन किसी न किसी देवता को समर्पित है और सोमवार का दिन भगवान शिव कोसमर्पित है। इस दिन विधि-विधान से महादेव की पूजा करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।
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मान्यता है कि, सोमवार व्रत और पूजा से ग्रह दोष दूर होते हैं, चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है, साथ ही धन लाभ, स्वास्थ्य, मानसिक शांति और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। भगवान शिव को देवाधिदेव महादेव कहा जाता है क्योंकि वे अत्यंत सरल और भोले स्वभाव के हैं।
सच्ची श्रद्धा से की गई आराधना से वे तुरंत खुश होकर मनोकामनाएं पूरी करते हैं। यह व्रत सबसे फलदायी माना जाता है। विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र और दांपत्य सुख के लिए, जबकि अविवाहित कन्याएं अच्छा वर प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं।
शिव पूजा की सरल विधि
सोमवार पूजा सुबह ब्रह्म मुहूर्त में शुरू करें।
उठकर स्नान करें और स्वच्छ सफेद या पीले रंग के वस्त्र पहनें।
व्रत का संकल्प लें और मन में शिव का ध्यान करें।
शिवलिंग पर शुद्ध जल या गंगाजल से अभिषेक करें।
फिर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक करें और अंत में फिर जल चढ़ाएं।
अर्पण करें: बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भांग, सफेद फूल, चावल (अक्षत) और भस्म।
भोग में फल, मिश्री या मिठाई चढ़ाएं।
घी का दीपक जलाएं और ॐ नमः शिवाय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
शिव चालीसा, रुद्राष्टक का पाठ करें और शिव आरती करें।
व्रत के दिन फलाहार करें और तामसिक भोजन (लहसुन, प्याज आदि) से दूर रहें।
पूजा का महत्व और पौराणिक कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, चंद्र देव ने सोमवार को शिव की कठोर तपस्या की और अपने रोग (क्षय रोग) से मुक्ति पाई। इसी कारण शिव को सोमेश्वर कहा जाता है। इस दिन पूजा से चंद्रमा संबंधी दोष दूर होते हैं, मन शांत रहता है। विवाह, संतान, धन और स्वास्थ्य संबंधी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
प्रमुख शिव मंत्र और उनके लाभ
शिव पूजा में मंत्र जाप का विशेष महत्व है: पंचाक्षर मंत्र: ॐ नमः शिवाय, मन शुद्ध करता है, तनाव कम करता है, आत्मिक शांति देता है।
महामृत्युंजय मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ – लंबी आयु, स्वास्थ्य और रोग-भय से रक्षा करता है।
रुद्र मंत्र: ॐ नमो भगवते रुद्राय – बड़ी बाधाओं को दूर कर सफलता दिलाता है।
शिव गायत्री मंत्र: ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥ – आध्यात्मिक ज्ञान और उन्नति प्रदान करता है।
ॐ पशुपतये नमः – सांसारिक बंधनों से मुक्ति और शांति देता है।
नियमित जाप से जीवन में संतुलन आता है। सच्चे मन से सोमवार पूजा करें, महादेव अवश्य कृपा करेंगे।
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