लखनऊ। UP Politics 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। रविवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रदेश स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी नेतृत्व ने उन विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों को कड़ी चेतावनी दी, जहां SIR का काम अपेक्षा से कम हुआ है।
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राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) तरुण चुघ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि जो चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं रखते, वे पहले ही बता दें, लेकिन SIR में लापरवाही पार्टी के साथ धोखा मानी जाएगी और इसका परिणाम टिकट कटने के रूप में हो सकता है। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने की। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ समेत सांसद, विधायक और संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।
SIR अभियान की समयसीमा 26 दिसंबर तक है, इसलिए अगले पांच दिनों में सभी कार्य छोड़कर केवल वोटर लिस्ट शुद्धिकरण पर फोकस करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में उन विधानसभा सीटों का ब्योरा पेश किया जहां SIR का काम कमजोर है, जिसमें लखनऊ जिला भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कम अंतर से जीतने या हारने वाली सीटों पर लापरवाही घातक साबित हो सकती है।
SIR में ढिलाई से चुनाव परिणाम सीधे प्रभावित होते हैं। सीएम ने निर्देश दिया कि हर बूथ पर टेबल लगाकर वोटर लिस्ट पहुंचाई जाए, असली और फर्जी वोटरों का मिलान किया जाए। फर्जी वोटरों को हटाने और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। तरुण चुघ ने SIR के दीर्घकालिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह मेहनत अगले 20 वर्षों तक लाभ देगी, क्योंकि आने वाले आठ विधानसभा व लोकसभा चुनाव इसी सूची पर आधारित होंगे।
यह सूची भविष्य के मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री तक तय करने में भूमिका निभाएगी। चुघ ने तंज कसते हुए कहा कि कई जगह एक मकान में 50-80 वोटर दर्ज हैं या एक पिता के 15 माताएं हैं, ऐसे फर्जी नामों को हटाना जरूरी है। कार्यकर्ताओं को सरल ऐप से संदिग्ध वोटर चिन्हित कर फॉर्म-7 से आपत्ति दर्ज करने और फॉर्म-6 से नए वोटर जोड़ने के निर्देश दिए। 26 दिसंबर के बाद ड्राफ्ट सूची आएगी, जिसकी अतिरिक्त प्रतियां हर बूथ तक पहुंचाकर बड़े पैमाने पर दावा-आपत्ति दाखिल की जाए।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 2027 का चुनाव तो जीतना ही है, आगे के चुनावों में भी सफलता जरूरी है, इसलिए SIR में पूरी गंभीरता बरतें। ब्रजेश पाठक ने अन्य कार्य छोड़कर इस अभियान में जुटने का आह्वान किया। SIR को लेकर भाजपा की चिंता इसलिए बढ़ी है क्योंकि पुनरीक्षण में करोड़ों नाम कटने की आशंका है, जिनमें पार्टी समर्थक अधिक हो सकते हैं। विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहा है, लेकिन भाजपा इसे लोकतंत्र की शुद्धता से जोड़कर देख रही है। यह बैठक 2027 की जीत की मजबूत नींव रखने का प्रयास है।








