लखनऊ, 21 दिसंबर 2025: CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केवल चालान काटना सड़क दुर्घटनाओं का स्थायी समाधान नहीं है। आदतन ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस जब्त करना और वाहन सीज करने की स्पष्ट नियमावली बनाई जाए।
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सीएम ने जोर दिया कि सड़क सुरक्षा लोगों की जान से जुड़ा गंभीर विषय है, इसलिए इसमें संवेदनशीलता के साथ-साथ कठोरता भी जरूरी है। शनिवार को सीएम योगी ने 1 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सड़क सुरक्षा माह’ की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस साल नवंबर तक राज्य में 46,223 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 24,776 लोगों की जान चली गई। इन आंकड़ों को बेहद गंभीर बताते हुए सीएम ने कहा कि सड़क हादसे केवल प्रशासनिक या तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि एक बड़ी सामाजिक चुनौती हैं। एक दुर्घटना में किसी की मौत पूरे परिवार को आजीवन दर्द देती है, इसलिए हादसों को रोकने के लिए संवेदनशील और निर्णायक कदम उठाने होंगे।
सीएम ने एंबुलेंस और स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच अनिवार्य करने के निर्देश दिए। किसी भी हाल में अनफिट वाहन सड़कों पर नहीं चलने चाहिए। लंबी दूरी (300 किलोमीटर से अधिक) की यात्रा करने वाले बड़े यात्री वाहनों में दो ड्राइवरों की तैनाती अनिवार्य हो। सड़क इंजीनियरिंग की कमियों जैसे खराब साइनेज, अव्यवस्थित कट, अंधे मोड़ और अनुचित स्पीड ब्रेकर को तुरंत ठीक किया जाए।
केवल टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं और सभी सड़कों का नियमित रोड सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। पीडब्ल्यूडी सहित संबंधित एजेंसियां समयबद्ध तरीके से इन कमियों को दूर करें। स्टंटबाजी करने वाले युवाओं पर भी सीएम ने कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि स्टंटबाजी न केवल स्टंट करने वाले की जान जोखिम में डालती है, बल्कि सड़क पर अन्य लोगों के लिए भी बड़ा खतरा है।
सड़कों के किनारे टेम्पो, बस या रिक्शा स्टैंड बनाने पर पूरी तरह रोक लगे। पट्रोलिंग बढ़ाई जाए और अव्यवस्थित पार्किंग पर सख्ती बरती जाए। निर्माण सामग्री सड़क पर बिखरी न रहे। हाइवे और एक्सप्रेसवे किनारे लंबे समय तक खड़े डग्गामार वाहनों व ट्रकों को हटाया जाए, क्योंकि ये गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।
योगी सरकार का यह अभियान सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जन जागरूकता बढ़ाने और नियमों का सख्त पालन सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। सड़क सुरक्षा माह के दौरान विशेष जागरूकता कार्यक्रम, चेकिंग ड्राइव और सुधार कार्य तेज किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कदमों से उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों में कमी आएगी और हजारों जानें बचाई जा सकेंगी।
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