लखनऊ, 19 दिसंबर 2025। Winter Session 2025: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर 2025 से शुरू हो रहा है, जो 24 दिसंबर तक चलेगा। इस पांच दिवसीय सत्र में सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी और कई महत्वपूर्ण विधेयक लाएगी, लेकिन विपक्ष की ओर से कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी कांड तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर जोरदार हंगामा होने के आसार हैं।
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इसके अलावा, वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर सदन में पांच घंटे की विशेष चर्चा भी होगी, जिसका विपक्ष विरोध कर सकता है। सत्र के पहले दिन ही समाजवादी पार्टी (सपा) सहित विपक्षी दल आक्रामक तेवर दिखा रहे हैं। सपा के विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने कफ सिरप कांड पर योगी सरकार को घेरते हुए सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस कांड में हजारों करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है और जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौतें हुई हैं, फिर भी सरकार ने दोषियों पर बुलडोजर क्यों नहीं चलाया?
उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या बुलडोजर का ड्राइवर कफ सिरप पीकर सो गया है? सपा नेता इस मुद्दे को सदन में प्रमुखता से उठाने की तैयारी में हैं।विपक्ष SIR अभियान को भी बड़ा मुद्दा बनाएगा। उनका आरोप है कि यह अभियान पक्षपातपूर्ण है और कुछ समुदायों के वोटरों को निशाना बनाया जा रहा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस पर सरकार को आलोचना की है।
अन्य मुद्दों जैसे कानून-व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी और किसान समस्याओं पर भी विपक्ष सरकार को घेरने का प्लान बना रहा है। सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में सर्वदलीय और कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई। बैठक में सभी दलों के नेताओं ने सदन की कार्यवाही को शालीनता और संसदीय मर्यादा के साथ चलाने का आश्वासन दिया।
अध्यक्ष महाना ने सदस्यों से अपील की कि वे सकारात्मक संवाद बनाए रखें और संसदीय परंपराओं का पालन करें। सभी को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सत्र में पेश होने वाले विधेयकों पर विस्तृत चर्चा होगी और सदस्यों को सार्थक बहस में हिस्सा लेना चाहिए। जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं का समाधान केंद्र होते हैं, इसलिए दलीय नेता अपने विधायकों को बोलने का पर्याप्त मौका दें।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने आश्वासन दिया कि सरकार सदन में उठने वाले हर मुद्दे पर गंभीरता से जवाब देने को तैयार है। इस सत्र में सरकार कई अध्यादेशों को विधेयक के रूप में पेश करेगी और विकास संबंधी कार्यों पर फोकस रहेगा। हालांकि, विपक्ष के आक्रामक रुख से सदन में गरमागरमी तय मानी जा रही है। कुल मिलाकर, यह सत्र विधायी कार्यों के साथ-साथ राजनीतिक टकराव का गवाह बनेगा।
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