वाराणसी, 18 दिसंबर 2025। Varanasi Fog: उत्तर भारत में सर्दियों का मौसम शुरू होते ही घना कोहरा जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (बाबतपुर) पर कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे कई उड़ानों का संचालन बाधित हो रहा है। खास तौर पर चेन्नई और अहमदाबाद से आने वाली फ्लाइट्स की लैंडिंग रद्द करनी पड़ी है, क्योंकि कम विजिबिलिटी के चलते विमानों को सुरक्षित उतारना मुश्किल हो गया है।
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मौसम विभाग के अनुसार, वाराणसी में सुबह के समय विजिबिलिटी 50 से 100 मीटर तक गिर गई है। एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) कैटेगरी-3 की कमी के कारण कोहरे में लैंडिंग और टेकऑफ में भारी परेशानी हो रही है। वर्तमान में यहां केवल सामान्य आईएलएस है, जिसमें लैंडिंग के लिए कम से कम 900 मीटर दृश्यता जरूरी होती है। नतीजतन, कई विमान या तो डायवर्ट किए जा रहे हैं या रद्द कर दिए जा रहे हैं।

चेन्नई से वाराणसी आने वाली इंडिगो और अन्य एयरलाइंस की फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। इसी तरह अहमदाबाद से आने वाली उड़ानों को भी लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल पाई। इससे सैकड़ों यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए हैं। कुछ फ्लाइट्स को दिल्ली, लखनऊ या अन्य निकटवर्ती एयरपोर्ट्स पर डायवर्ट किया गया है। वापसी की उड़ानें भी रद्द होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कोहरे का असर सिर्फ हवाई यातायात तक सीमित नहीं है। वाराणसी में ट्रेनें भी घंटों देरी से चल रही हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनें प्रभावित हैं। सड़कों पर भी वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ रहा है, क्योंकि कोहरा इतना घना है कि सामने कुछ दिखाई नहीं दे रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों तक कोहरा बना रहेगा, जिसके बाद पछुआ हवाओं से तापमान में और गिरावट आएगी।
एयरलाइंस कंपनियां यात्रियों को सलाह दे रही हैं कि, वे उड़ान की स्थिति पहले जांच लें। इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि उत्तर भारत के कई एयरपोर्ट्स पर कम दृश्यता के कारण देरी या रद्दीकरण संभव है। यात्रियों से अनुरोध है कि, वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क करें या ऐप/वेबसाइट पर स्टेटस चेक करें।
यह स्थिति वाराणसी जैसे धार्मिक पर्यटन स्थल के लिए चुनौतीपूर्ण है, जहां सर्दियों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और जैसे ही मौसम सुधरेगा, ऑपरेशंस सामान्य करने की कोशिश की जाएगी, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कोई जोखिम नहीं लिया जाएगा। यात्रियों से अपील है कि धैर्य रखें और वैकल्पिक यात्रा विकल्पों पर विचार करें। कोहरे के इस कहर से निपटने के लिए लंबे समय में एयरपोर्ट पर आईएलएस कैट-3 की स्थापना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी परेशानियां कम हों।
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