लखनऊ/नई दिल्ली, 14 दिसंबर 2025। UP BJP: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 14 दिसंबर 2025 को संगठन में बड़े बदलाव करते हुए दो महत्वपूर्ण नियुक्तियां कीं। पार्टी के संसदीय बोर्ड ने बिहार सरकार में मंत्री और पटना की बांकीपुर सीट से पांच बार के विधायक नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
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नितिन नबीन अब मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की जगह पार्टी की कमान संभालेंगे, जो कार्यकाल पूरा होने के बाद केंद्रीय मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं।नितिन नबीन (45 वर्ष) कायस्थ समुदाय से आते हैं और बिहार की नीतीश कुमार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री हैं। वे दिवंगत वरिष्ठ बीजेपी नेता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं।
अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत छात्र राजनीति से करने वाले नितिन नबीन ने 26 वर्ष की उम्र में उपचुनाव जीतकर विधायक बनने का कीर्तिमान स्थापित किया था। इसके बाद 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में बांकीपुर से लगातार जीत हासिल की। 2025 के चुनाव में उन्होंने 50 हजार से अधिक मतों के अंतर से विजय प्राप्त की।
पार्टी उन्हें युवा, ऊर्जावान और संगठनात्मक क्षमता वाला नेता मानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें “मेहनती कार्यकर्ता” बताते हुए बधाई दी, जबकि गृह मंत्री अमित शाह ने उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव की सराहना की। यह नियुक्ति बीजेपी में युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने और बिहार में पार्टी की मजबूती के संकेत के रूप में देखी जा रही है।दूसरी बड़ी नियुक्ति उत्तर प्रदेश में हुई, जहां केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और महाराजगंज से सांसद पंकज चौधरी को बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया।
पंकज चौधरी कुर्मी (ओबीसी) समाज से आते हैं और पार्टी ने उन्हें सर्वसम्मति से यह जिम्मेदारी सौंपी। उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां ओबीसी वोटरों की बड़ी संख्या है। विशेष रूप से गैर-यादव ओबीसी को साधने की रणनीति के तहत यह नियुक्ति की गई है। यादव वोटर समाजवादी पार्टी का कोर माना जाता है, जबकि कुर्मी समाज यादव के बाद सबसे प्रभावशाली है।
पंकज चौधरी सात बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।ये दोनों नियुक्तियां बीजेपी की जातीय समीकरण साधने और संगठन को मजबूत करने की रणनीति को दर्शाती हैं। उत्तर प्रदेश में ओबीसी और बिहार में सामान्य वर्ग (कायस्थ) को प्रमुख पद देकर पार्टी आगामी चुनौतियों के लिए खुद को तैयार कर रही है। इन फैसलों से पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखा जा रहा है।
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