मथुरा, दिसंबर 2025। Mathura Cyber Raid: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में साइबर अपराध के बढ़ते हॉटस्पॉट गोवर्धन थाना क्षेत्र के देवसेरस गांव और आसपास के इलाकों को निशाना बनाते हुए पुलिस ने गुरुवार तड़के अब तक का सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ के तहत चार एसपी, चार सीओ, 26 इंस्पेक्टर और 300 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने देवसेरस, मुड़सेरस, दौलतपुर और नगला अकातिया गांवों की सभी रास्तों पर नाकाबंदी कर घेराबंदी की।
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सुबह करीब 4 बजे शुरू हुए इस अभियान में 42 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जबकि कई भागने में सफल रहे। देवसेरस गांव लंबे समय से ‘मिनी जामताड़ा’ के नाम से कुख्यात है। यहां सक्रिय गिरोह ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल सेंटर, सोशल मीडिया हैकिंग और बैंकिंग स्कैम के जरिए देशभर में ठगी करते हैं। पुलिस को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि इन गांवों से बड़े पैमाने पर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित हो रहा है।

इसी आधार पर एसएसपी के निर्देश पर एसपी ग्रामीण और साइबर क्राइम टीम की अगुवाई में यह संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस ने गांवों को अल्फा और बीटा ग्रुपों में बांटकर टारगेटेड सर्च किया। थाना गोवर्धन पुलिस को इस कार्रवाई से अलग रखा गया ताकि गोपनीयता बनी रहे। ऑपरेशन के दौरान संदिग्धों में हड़कंप मच गया। कई भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से उन्हें पकड़ लिया गया। हिरासत में लिए गए 42 लोगों में आठ पुराने अपराधी और कुछ नाबालिग भी शामिल हैं।
इनके पास से बड़ी संख्या में सिम कार्ड, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड और अन्य संदिग्ध सामान बरामद हुआ। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस अलग-अलग टीमों में इनसे गहन पूछताछ कर रही है, ताकि ठगी के बड़े सरगनाहों, उनके नेटवर्क और तरीकों का पता लगाया जा सके। एसपी ग्रामीण सुरेशचंद्र रावत ने बताया कि बरामद सामान की जांच जारी है और शुक्रवार तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

कुछ रिपोर्ट्स में कार्रवाई के पीछे किसी बड़े व्यक्ति या सत्ता से जुड़े व्यक्ति के साथ करोड़ों की ठगी की आशंका जताई जा रही है, जिसका आकलन 25 करोड़ से अधिक बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने इसे सामान्य अभियान बताया है। चर्चा है कि इतनी बड़ी फोर्स और गोपनीयता किसी विशेष केस से जुड़ी हो सकती है।
यह गांव दो दशकों से ठगी का गढ़ बन चुका है। पहले पीतल को सोना बताकर ठगी होती थी, अब डिजिटल तरीकों से फेसबुक-इंस्टाग्राम हैकिंग, ओटीपी चोरी और कॉल सेंटर स्कैम आम हैं। आसपास के सात-आठ गांवों में भी यह जाल फैला हुआ है। पुलिस का यह अभियान साइबर अपराध पर जीरो टॉलरेंस का संदेश देता है। जांच में बड़े रैकेट का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।








