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Indian Products in Russia: चावल, मसाले और दवाइयों से लेकर मशीनरी तक भारत से खरीदता है रूस, इतने बिलियन डॉलर का है द्विपक्षीय व्यापार

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नई दिल्ली, 4 दिसंबर 2025। Indian Products in Russia: रूस के सुपरमार्केट की शेल्फ पर भारतीय बासमती चावल, गरम मसाला, हल्दी-इलायची और मसाला चाय की पैकेट्स आम नजारा बन गए हैं। कड़ाके की ठंड में रूसी लोग गर्म मसाला चाय की चुस्कियां लेना पसंद करते हैं। भारत और रूस के बीच व्यापार अब सिर्फ क्रूड ऑयल तक सीमित नहीं रहा, दोनों देशों का द्विपक्षीय कारोबार 68 बिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर चुका है।

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रूस भारत से बड़े पैमाने पर खाद्य उत्पाद खरीदता है। बासमती चावल की सुगंध और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स के कारण इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। मसूर, मूंग, चना दाल और पीली मटर भी भारी मात्रा में निर्यात होती है। सब्जियों में प्याज, लहसुन, अदरक, अंगूर, किशमिश और पत्तागोभी प्रमुख हैं। 2024-25 में अकेले सब्जी निर्यात 7.5 करोड़ डॉलर से ज्यादा का रहा।फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में भारत रूस का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया है।

2024-25 में दवाओं का निर्यात 52 करोड़ डॉलर से अधिक रहा। मशीनरी और मैकेनिकल उपकरण भी टॉप निर्यात सूची में शामिल हैं। इसके अलावा रेशम-सूती वस्त्र, प्रोसेस्ड फूड, कॉफी, केला-पपीता जैसे उत्पाद भी रूस पहुंच रहे हैं। रूसी शहरों में भारतीय संस्कृति का जादू साफ दिखता है। मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग में भारतीय रेस्तरां में 70-80 प्रतिशत ग्राहक स्थानीय रूसी होते हैं। योग और आयुर्वेद की लोकप्रियता बढ़ रही है,  मॉस्को से व्लादिवोस्तोक तक योग स्टूडियो, आयुर्वेदिक सेंटर और हर्बल स्किनकेयर की दुकानें खुल रही हैं।

भारतीय योग प्रशिक्षकों की भी अच्छी मांग है।बॉलीवुड का क्रेज आज भी बरकरार है। राज कपूर की “आवारा” ने तो 6.4 करोड़ टिकट बेचकर रिकॉर्ड बनाया था। आज “दंगल”, “3 इडियट्स”, “बाहुबली” और “आरआरआर” जैसी फिल्में रूसी दर्शकों को खूब लुभाती हैं।

मसालेदार कहानी, धमाकेदार गाने और जोरदार डायलॉग वाली भारतीय फिल्में रूस में हमेशा हिट रहती हैं।तेल के बदले मसाले, दवाइयां और संस्कृति का यह अनोखा व्यापार दोनों देशों को करीब ला रहा है। आने वाले वर्षों में भारत-रूस व्यापार 100 बिलियन डॉलर का आंकड़ा छूने की राह पर है।

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