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Dowry Torture: लोहे के पिंजरे में कैद की पत्नी, बचने पर वायरल किया MMS, जालौन में सामने आई हैवान पति की बर्बरता

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Dowry Torture

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जालौन, 4 दिसंबर 2025। Dowry Torture:  महिलाओं के खिलाफ क्रूरता की एक दिल दहला देने वाली घटना जालौन जिले से सामने आई है। एक नवविवाहिता को उसके पति ने पहले लोहे के जालीनुमा पिंजरे में कैद कर रखा और जब पुलिस ने किसी तरह उसे छुड़ाया तो पति ने बदला लेते हुए पत्नी का अश्लील वीडियो (MMS) बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। हैरानी की बात यह है कि उत्पीड़न करने के बावजूद पति ने पीड़िता पर ही कई झूठे मुकदमे ठोंक दिए।

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यह चौंकाने वाली शिकायत गुरुवार को उस वक्त सामने आई जब उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान जालौन दौरे पर थीं। उरई के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित जनसुनवाई में पीड़ित नवविवाहिता ने रोते-बिलखते अपना दर्द बयान किया। उसने बताया कि उसकी शादी झांसी जिले के मोठ थाना क्षेत्र में हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद पति और ससुराल वालों ने दहेज के लिए उसे लगातार प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।

मारपीट तो आम बात हो गई थी, साथ ही खाना-पीना और रोजमर्रा की जरूरतों पर भी सख्त पाबंदियां लगा दी गईं।अत्याचार की पराकाष्ठा तब हुई जब पति ने उसे घर में बने लोहे के जालीनुमा पिंजरे में बंद कर दिया। कई दिनों तक वह उसी पिंजरे में कैद रही। किसी तरह परिजनों को सूचना मिली और पुलिस ने छापेमारी कर उसे मुक्त कराया, लेकिन पति की हैवानियत यहीं नहीं रुकी।

आजाद होने के बाद उसने पत्नी के नहाते या कपड़े बदलते वक्त चोरी-छिपे बनाया गया अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया ताकि उसका सामाजिक बहिष्कार हो जाए। साथ ही पीड़िता को बदनाम करने के लिए उसके खिलाफ कई झूठे मुकदमे भी दर्ज करा दिए। महिला आयोग अध्यक्ष बबीता चौहान यह दास्तान सुनकर स्तब्ध रह गईं। उन्होंने तुरंत मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाई और कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। निर्देश दिए गए कि, पीड़िता के खिलाफ दर्ज सभी झूठे मुकदमे तुरंत खत्म किए जाएं।

आरोपी पति और उसके परिवार के खिलाफ हत्या के प्रयास, दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, IT एक्ट के तहत तुरंत FIR दर्ज हो। पीड़िता को तत्काल सुरक्षा, सरकारी मुआवजा और कानूनी सहायता दी जाए। महिला आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच के भी आदेश दिए हैं। पीड़िता अभी सदमे में है और परिजनों के साथ रह रही है। यह मामला एक बार फिर दहेज लोभियों और घरेलू हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानून की जरूरत को रेखांकित करता है।

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