नई दिल्ली, 4 दिसंबर 2025। IndiGo Crisis: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो लगातार दूसरे दिन गंभीर परिचालन संकट से जूझ रही है। बुधवार को 150 से अधिक उड़ानें रद्द होने के बाद, आज भी दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर दर्जनों उड़ानें प्रभावित हुईं। क्रू की कमी, नई सरकारी नियमों का असर, खराब मौसम और तकनीकी खराबियां इसकी मुख्य वजह हैं।
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बुधवार को इंडिगो की कम से कम 150 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि दर्जनों अन्य में देरी हुई। बेंगलुरु हवाई अड्डे ने बताया कि वहां 73 उड़ानें रद्द की गईं। सरकारी आंकड़ों में मंगलवार को इंडिगो की समयनिष्ठता मात्र 35% रह गई, जो सामान्य 80% से काफी नीचे है। एक रिपोर्ट में कहा गया कि दिल्ली में 38, मुंबई में 33 और अन्य शहरों में कुल 200 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि कुछ उड़ानों के लिए केबिन क्रू उपलब्ध ही नहीं था, जिससे रद्दीकरण मजबूरी बन गया। देरी 7-8 घंटे तक पहुंच गई, और यात्री काउंटरों पर भिड़ गए।
इस संकट की जड़ नई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम हैं, जो नवंबर 2025 से लागू हुए। ये नियम पायलटों और क्रू की थकान रोकने के लिए ड्यूटी घंटे सीमित करते हैं और आराम की अवधि बढ़ाते हैं। इंडिगो के एक पायलट ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जुलाई और नवंबर से लागू इन नियमों ने रॉस्टर प्रबंधन को जटिल बना दिया। एयरलाइन पर प्रतिदिन 2,200 से अधिक उड़ानें संचालित होती हैं, लेकिन क्रू की कमी से 60% से ज्यादा घरेलू यात्रा प्रभावित हो रही है।
इंडिगो ने बयान जारी कर माफी मांगी। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, “अतीत दो दिनों में नेटवर्क परिचालन बुरी तरह बाधित हुआ। मामूली तकनीकी खराबियां, सर्दी के शेड्यूल बदलाव, प्रतिकूल मौसम, हवाई यातायात में भीड़ और अपडेटेड क्रू रोस्टरिंग नियमों का संयुक्त प्रभाव अप्रत्याशित था।” एयरलाइन ने अगले 48 घंटों में शेड्यूल समायोजन की घोषणा की, जिसमें वैकल्पिक यात्रा या रिफंड का विकल्प दिया गया।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में यात्री ट्रैफिक बढ़ने से दबाव और बढ़ेगा।यात्रियों की परेशानी चरम पर है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहां गुस्साए यात्री स्टाफ से बहस कर रहे हैं। मुंबई के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट राकेश भनुषाली ने कहा, “शाम 6 बजे की उड़ान दो घंटे लेट हुई, गेट चार बार बदला। कनेक्टिंग फ्लाइट मिस हो गई।” दिल्ली एयरपोर्ट पर क्यूज लंबी थीं, और कई यात्री रात भर फंसे रहे।
एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA) ने इंडिगो की आलोचना की, कहा कि संसाधन योजना में कमी ने यह स्थिति पैदा की।डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने हस्तक्षेप किया है। रेगुलेटर ने इंडिगो से रद्दीकरण के कारणों की व्याख्या और सुधार योजना मांगी है। नवंबर में प्रदर्शन गिरावट पर पहले ही जांच शुरू हो चुकी है। यह संकट भारत के उड्डयन क्षेत्र की चुनौतियों को उजागर करता है, जहां विकास के साथ सुरक्षा और कल्याण का संतुलन बनाना जरूरी है। यात्रियों से अपील है कि फ्लाइट स्टेटस चेक करें और वैकल्पिक व्यवस्था रखें।
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