लखनऊ, 1 दिसंबर 2025। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सभी बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को कड़ा संदेश दिया है कि वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के किसी भी बहकावे या दबाव में न आएं। मौर्य ने विशेष संशोधन अभियान (Special Intensive Revision – SIR) के दौरान मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता बरतने की अपील की है।
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उपमुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “सभी BLO भाइयों-बहनों से अपील है कि राहुल गांधी एवं अखिलेश यादव के बहकावे में बिल्कुल न आएं। मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में अपना कार्य पूर्ण निष्पक्षता एवं पारदर्शिता से करें। कोई भी दबाव कामयाब नहीं होगा।” केशव मौर्य का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के दोनों बड़े नेता लगातार दावा कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार जानबूझकर लाखों मतदाताओं, खासकर पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटवा रही है।
राहुल गांधी ने तो यहां तक कहा था कि “बीजेपी लोकतंत्र को खत्म करने के लिए मतदाताओं को सूची से गायब कर रही है”, जबकि अखिलेश यादव ने BLO पर “सत्ता के इशारे पर काम करने” का आरोप लगाया था। इन आरोपों के जवाब में केशव प्रसाद मौर्य ने साफ कर दिया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत हो रहा है और इसमें किसी भी तरह की राजनीतिक दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने BLO को चेतावनी दी कि अगर कोई अधिकारी दबाव में आकर गलत कार्य करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जो अधिकारी निष्पक्ष और ईमानदारी से काम करेंगे, उन्हें सरकार का पूरा संरक्षण मिलेगा। उत्तर प्रदेश में 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद अब 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए मतदाता सूची का यह विशेष पुनरीक्षण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विपक्ष का कहना है कि सत्ताधारी पार्टी अपने अनुकूल मतदाताओं को जोड़ने और विरोधी वर्ग के मतदाताओं के नाम काटने की कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा इसे पूरी तरह नियमसंगत और पारदर्शी प्रक्रिया बता रही है। केशव प्रसाद मौर्य की इस अपील से साफ है कि भाजपा किसी भी कीमत पर मतदाता सूची पुनरीक्षण को विवादों में नहीं घसीटना चाहती और BLO पर चौतरफा नजर रखी जा रही है।
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