मुंबई, 1 दिसंबर 2025। Mumbai Pollution: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इन दिनों जहरीली हवा की चपेट में है। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है। लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) और केंद्र सरकार की एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
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GRAP-4 के तहत सबसे सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। सभी तरह के निर्माण और तोड़फोड़ के काम (डेमोलिशन) कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसमें सरकारी प्रोजेक्ट भी शामिल हैं, सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, अस्पताल और स्वच्छता से जुड़े प्रोजेक्ट्स को छूट दी गई है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर की तरह मुंबई में भी निजी और सरकारी ऑफिसों को 50% वर्क फ्रॉम होम करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदूषण के प्रमुख कारणों में ठंड के मौसम में हवा की निचली परत में फंसना, वाहनों का धुआं, निर्माण स्थलों की धूल, इंडस्ट्रीज का उत्सर्जन और पराली जलाने का असर शामिल है। मुंबई में पिछले एक सप्ताह से AQI 350 से 420 के बीच बना हुआ है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। कोलाबा, मझगांव, वर्ली, चेंबूर, भांडुप और बोरीवली जैसे इलाकों में सबसे खराब स्थिति दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस स्तर का प्रदूषण फेफड़ों, हृदय और श्वसन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से अस्थमा-दमा जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों को घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। N-95 या उससे बेहतर मास्क पहनना अनिवार्य बताया गया है। मुंबई में पहली बार GRAP-4 लागू होने से आम जनजीवन पर भी असर पड़ रहा है।
ट्रक और हल्के कमर्शियल वाहनों की एंट्री पर सख्ती बढ़ा दी गई है। BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि निजी वाहनों का उपयोग कम करें, कार पूलिंग करें और सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। आने वाले दिनों में अगर हवा की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
मुंबई में अब आसमान की जगह धुएं का गुबार दिख रहा है। सवाल यह है कि क्या यह सख्ती प्रदूषण पर लगाम लगा पाएगी या फिर शहर को और कड़े लॉकडाउन जैसे हालात का सामना करना पड़ेगा?
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