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UP Politics: “चुनाव आयोग के हाथ खून से रंगे हैं”, अखिलेश यादव ने BJP पर उठाए सवाल, कहा- SIR पर इतनी जल्दबाजी क्यों

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Akhilesh Yadav's statement

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लखनऊ, 29 नवंबर 2025। UP Politics: समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) फॉर्म को लेकर ब्लॉक लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) और अन्य कर्मचारियों पर जबरदस्ती दबाव डाला जा रहा है, जिससे लोगों की जान तक जा रही है। अखिलेश ने शनिवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा को SIR को लेकर इतनी अजीब जल्दबाजी क्यों है? उत्तर प्रदेश में शादियों का सीजन चल रहा है, लोग व्यस्त हैं, लेकिन सरकार को इससे कोई मतलब नहीं। नगर निगम के सफाई कर्मियों को भी फॉर्म भरने के लिए सहायक बनाया गया है।

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अखिलेश ने फतेहपुर का जिक्र करते हुए कहा, “कल मैं फतेहपुर गया था। वहां पता चला कि एक सुपरवाइजर पर सरकार का इतना दबाव था कि उसने आत्महत्या कर ली। आखिर इतनी जल्दी क्यों? वेस्ट बंगाल के लोग कह रहे हैं कि चुनाव आयोग के हाथ खून से रंगे हैं।” उन्होंने SIR को लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी करार दिया और कहा कि यह भाजपा का वोट काटने का षड्यंत्र है। “आज वोट काटा जा रहा है, कल खेत, जमीन, मकान, राशन, जाति और आरक्षण से नाम काटे जाएंगे। फिर बात बैंक खातों और मध्यवर्ग के लॉकर तक पहुंच जाएगी।

यह देशवासियों के खिलाफ बड़ी साजिश है, जो अंग्रेजों की गुलामी से भी बदतर स्थिति में ले जाएगी। ”एक दिन पहले शुक्रवार को अखिलेश ने सभी विपक्षी दलों और यहां तक कि एनडीए के सहयोगी दलों से अपील की थी कि वे एकजुट होकर भाजपा के इस षड्यंत्र का पर्दाफाश करें। उन्होंने कहा, “जो दल भाजपा को अपना सहयोगी मान रहे हैं, सबसे पहले भाजपा उन्हीं का खात्मा करेगी। इसलिए हर देशवासी से अपील है कि सारे काम छोड़कर SIR की घपलेबाजी को रोकें।”

सपा प्रमुख ने दावा किया कि SIR के नाम पर वोटर लिस्ट में हेरफेर किया जा रहा है, जो आगामी चुनावों में भाजपा को फायदा पहुंचाने का तरीका है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी जल्दबाजी में कर्मचारियों पर दबाव डालना और मौतों का कारण बनना शर्मनाक है।अखिलेश ने SIR प्रक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि यह जनता को जागरूक करने का समय है। “बीएलओ पर वर्क प्रेशर इतना है कि वे रात-दिन काम कर रहे हैं।

सरकार क्यों नहीं इंतजार कर सकती? शादियों के सीजन में लोग परिवारिक कार्यों में व्यस्त हैं, लेकिन भाजपा को सिर्फ अपनी राजनीति की फिक्र है।” उन्होंने वेस्ट बंगाल के हालात का हवाला देते हुए कहा कि वहां भी इसी तरह की प्रक्रिया ने विवाद खड़ा किया है, और लोग चुनाव आयोग को दोषी ठहरा रहे हैं।यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट रिवीजन का काम जोरों पर है। चुनाव आयोग ने SIR को वोटर लिस्ट को अपडेट करने का विशेष अभियान बताया है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक साजिश मान रहा है।

अखिलेश की अपील से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है, और अन्य विपक्षी नेता भी इस मुद्दे पर बोलने लगे हैं। सपा ने SIR के खिलाफ जन आंदोलन चलाने की योजना बनाई है। क्या यह मुद्दा आगामी चुनावों में बड़ा फैक्टर बनेगा? यह देखना होगा।

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