नई दिल्ली, 28 नवंबर 2025। Delhi Crime: दिल्ली के चांद बाग इलाके में रहने वाली 25 साल की तैय्यबा की जिंदगी सिर्फ 221 दिन में ही खत्म हो गई। 15 अप्रैल 2025 को उसने अपने प्रेमी फैसल से साकेत कोर्ट में चोरी-छिपे शादी की थी और ठीक 22 नवंबर 2025 को उसी प्रेमी ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बागपत के घने जंगल में फेंक दिया गया। वारदात को अंजाम देने के सात दिन बाद आरोपी फैसल ने कड़कड़डूमा कोर्ट में पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया और पूरी कहानी पुलिस को बता दी।
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पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए, वो रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। फैसल पहले से शादीशुदा था और उसके दो छोटे बच्चे भी हैं। उसका परिवार मुस्तफाबाद में रहता है और पिता आलम प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। तैय्यबा को फैसल की पहली शादी की जानकारी नहीं थी। कोर्ट मैरिज के बाद तैय्यबा अपने मायके में ही रह रही थी, लेकिन वह फैसल पर लगातार साथ रहने का दबाव बना रही थी। फैसल को डर था कि उसकी दूसरी शादी का राज खुलने पर उसका परिवार और समाज दोनों टूट जाएगा।
22 नवंबर को फैसल ने तैय्यबा को बहाने से बुलाया। दोनों उसके दोस्त की कार में सवार हुए। रास्ते में साथ रहने को लेकर फिर झगड़ा हुआ। गुस्से में आकर फैसल ने लाइसेंसी पिस्तौल से तैय्यबा पर गोली चला दी। इसके बाद उसने शव को बागपत के जंगल में फेंक दिया और भाग निकला। उधर, तैय्यबा के घरवाले परेशान थे। उसने आखिरी बार अपनी मां से रात करीब 3 बजे फोन पर कहा था कि “पांच मिनट में घर पहुंच रही हूं”, लेकिन उसके बाद फोन बंद हो गया।
अगले दिन 23 नवंबर को भाई अदनान ने दयालपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और सीडीआर खंगाले, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला।आखिरकार मंगलवार को फैसल खुद कड़कड़डूमा कोर्ट पहुंचा और सरेंडर कर दिया। उसने पुलिस को शव फेंकने की जगह बताई। पुलिस ने बागपत जंगल से तैय्यबा का शव बरामद कर लिया। पोस्टमॉर्टम में गोली लगने की पुष्टि हुई। वारदात में इस्तेमाल कार भी बरामद कर ली गई है।
दिल्ली पुलिस ने फैसल के खिलाफ हत्या (302), अपहरण (364), साक्ष्य मिटाने (201) समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। फिलहाल वह पुलिस रिमांड पर है और पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच रही है कि हत्या में कोई और शख्स शामिल था या नहीं। यह प्रेम कहानी अब पूरे दिल्ली-एनसीआर में चर्चा का विषय बन गई है।
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