नई दिल्ली, 26 नवंबर 2025। HP Layoffs: अमेरिकी टेक दिग्गज हेवलेट पैकार्ड (HP Inc.) ने मंगलवार को घोषणा की कि कंपनी 2025 के अंत से 2028 तक वैश्विक स्तर पर 4,000 से 6,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगी। इस बड़े रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को तेजी से अपनाना और परिचालन को अधिक कुशल बनाना है। कंपनी का मानना है कि AI के इस्तेमाल से उत्पादकता में भारी बढ़ोतरी होगी और लंबे समय में लागत में कमी आएगी।
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HP के सीईओ एनरिक लोरेस (Enrique Lores) ने कहा, “यह कदम हमें भविष्य के लिए मजबूत बनाने जा रहा है। AI की मदद से हम प्रोडक्ट डेवलपमेंट को तेज करेंगे, आंतरिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएंगे और ग्राहक सेवा को बेहतर करेंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल से कंपनी को तीन साल में करीब 1 बिलियन डॉलर (लगभग 8,400 करोड़ रुपये) की सालाना बचत होने की उम्मीद है।
छंटनी का सबसे ज्यादा असर प्रोडक्ट डेवलपमेंट, आंतरिक ऑपरेशन और कस्टमर सपोर्ट टीमों पर पड़ेगा। यह छंटनी कंपनी के पहले से चल रहे रीस्ट्रक्चरिंग प्रोग्राम का विस्तार है। फरवरी 2025 में ही HP 1,000-2,000 कर्मचारियों को पहले ही निकाल चुकी है। वित्तीय मोर्चे पर कंपनी को चुनौतियां भी दिख रही हैं। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार, डेटा सेंटर की बढ़ती मांग की वजह से मेमोरी चिप्स (DRAM और NAND) की कीमतों में तेज उछाल आने वाला है।
इससे HP, Dell और Acer जैसी पीसी बनाने वाली कंपनियों की लागत बढ़ेगी और मार्जिन पर दबाव पड़ेगा। HP ने स्वीकार किया है कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में उसे सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ेगा। हालांकि, पहली छमाही के लिए उसके पास पर्याप्त इन्वेंट्री स्टॉक है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपना एडजस्टेड ईपीएस अनुमान 2.90-3.20 डॉलर रखा है, जो विश्लेषकों के 3.33 डॉलर के औसत अनुमान से कम है।
वहीं, पहली तिमाही 2026 के लिए एडजस्टेड ईपीएस 73-81 सेंट रहने का अनुमान है, जो बाजार के 79 सेंट के मिडपॉइंट अनुमान से कम है। चौथी तिमाही का रेवेन्यू 14.64 बिलियन डॉलर रहा, जो अनुमान से थोड़ा बेहतर था। AI की वजह से टेक इंडस्ट्री में छंटनी का यह नया दौर है। Google, Microsoft, Meta के बाद अब HP ने भी साफ कर दिया है कि आने वाले सालों में ऑटोमेशन और AI कई पारंपरिक नौकरियों को खतरे में डाल देंगे।








