नई दिल्ली, 25 नवंबर 2025। Hammer Missile: भारतीय वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ाने वाला फ्रांस का सबसे घातक हथियार HAMMER (Highly Agile Modular Munition Extended Range) अब पूरी तरह “मेक इन इंडिया” होने जा रहा है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और फ्रांस की सफरान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस (Safran Electronics & Defense) ने भारत में HAMMER मिसाइलों के निर्माण, सप्लाई और रखरखाव के लिए 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी वाला ज्वाइंट वेंचर बनाने का ऐतिहासिक समझौता किया है।
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यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” और “मेक इन इंडिया” विज़न की सबसे बड़ी जीत है। अब भारत न सिर्फ HAMMER खरीदेगा बल्कि इसे स्वदेश में ही बनाएगा, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी और लाखों करोड़ रुपये की बचत होगी। HAMMER की सबसे ख़तरनाक खासियतें…

- 70 किलोमीटर तक की मारक क्षमता
- हवा से जमीन पर अचूक निशाना (GPS + इन्फ्रारेड + लेजर गाइडेंस)
- उड़ते हुए रास्ता बदलने की क्षमता (Mid-course correction)
- दुश्मन के रडार को चकमा देने वाली तकनीक
- कठोर बंकर, कमांड सेंटर, रनवे और पुल तक को एक ही वार में तबाह करने की ताकत
- राफेल के अलावा तेजस Mk-1A और Mk-2 में भी आसानी से इंटीग्रेट हो सकेगी
मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर में राफेल से दागी गई HAMMER मिसाइलों ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद के चार बड़े ठिकानों को कुछ ही मिनटों में नेस्तनाबूद कर दिया था। उस सफलता के बाद भारतीय वायुसेना ने सैकड़ों HAMMER की अतिरिक्त खेप मांगी थी। अब यही मिसाइल भारत में बनेगी।
कौन से अधिकारी रहे मौजूद?
समझौते पर हस्ताक्षर BEL के CMD मनोज जैन और सफरान के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एलेक्जेंडर जिग्लर ने किए। इस मौके पर रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, सफरान के CEO ओलिवियर एंड्रीस और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। नई ज्वाइंट वेंचर कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के रूप में रजिस्टर्ड होगी और इसका मुख्यालय भारत में ही होगा। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भारत को दुनिया के चुनिंदा उन देशों की श्रेणी में ला खड़ा करेगा जो सबसे आधुनिक स्टैंड-ऑफ हथियार खुद बना सकते हैं। आने वाले वर्षों में HAMMER का निर्यात भी संभव है।
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