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Palmistry: हथेली पर क्रॉस का निशान, शुभ है या अशुभ? यहां जानें

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नई दिल्ली 24 नवंबर 2025। Palmistry: हस्तरेखा शास्त्र में हथेली पर बना क्रॉस (×) का निशान हमेशा से जिज्ञासा का विषय रहा है। लोग अक्सर पूछते हैं कि यह शुभ है या अशुभ? सच यह है कि क्रॉस का फल इस बात पर निर्भर करता है कि वह हथेली के किस स्थान पर बना है। स्थान बदलने से इसका अर्थ पूरी तरह बदल जाता है।

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बुध पर्वत और हृदय रेखा के बीच का रहस्यमयी क्रॉस  

सबसे प्रसिद्ध क्रॉस छोटी उंगली के नीचे बुध पर्वत और हृदय रेखा-मस्तिष्क रेखा के बीच बनता है। इसे “मिस्टिक क्रॉस” कहते हैं। यह क्रॉस ज्योतिष, तंत्र-मंत्र, आध्यात्म और गूढ़ विद्या में गहरी रुचि दिखाता है। ऐसे लोग अक्सर अच्छे ज्योतिषी, तांत्रिक या रिसर्च करने वाले बनते हैं। यह क्रॉस स्पष्ट और गहरा हो तो बहुत शुभ माना जाता है।

गुरु पर्वत (जूपिटर माउंट) पर क्रॉस

तर्जनी उंगली के नीचे गुरु पर्वत पर क्रॉस बनना अत्यंत शुभ होता है। यह विवाह में सफलता, धार्मिक कार्यों में रुचि और उच्च पद प्राप्ति का संकेत देता है। कई बार यह क्रॉस धार्मिक गुरु या बड़े नेता बनने की ओर इशारा करता है।

शुक्र पर्वत पर क्रॉस

अंगूठे के नीचे शुक्र पर्वत पर क्रॉस बनना प्रेम संबंधों में बाधा, वैवाहिक जीवन में कलह और कामुकता में कमी बताता है। यह स्थान पर क्रॉस अशुभ माना जाता है।

चंद्र पर्वत पर क्रॉस

हथेली के निचले हिस्से में छोटी उंगली के सामने चंद्र पर्वत पर क्रॉस बनने से कल्पनाशीलता बहुत बढ़ती है, लेकिन मानसिक अशांति, डिप्रेशन और पानी से संबंधित खतरे की आशंका भी रहती है।

भाग्य रेखा या सूर्य रेखा पर क्रॉस

अगर क्रॉस भाग्य रेखा या सूर्य रेखा को काटता है तो करियर में रुकावटें, बदनामी या अचानक बड़ा नुकसान होने की संभावना रहती है।

जीवन रेखा पर क्रॉस

जीवन रेखा पर क्रॉस बहुत अशुभ होता है। यह गंभीर दुर्घटना, बड़ा रोग या जीवन पर खतरा दिखाता है।

 क्रॉस का निशान अपने आप में न तो पूरी तरह शुभ है और न ही पूरी तरह अशुभ। इसका फल स्थान, गहराई, स्पष्टता और अन्य रेखाओं से संबंध पर निर्भर करता है। अगर आपके हाथ में क्रॉस है तो घबराएं नहीं – किसी योग्य हस्तरेखा विशेषज्ञ से उसका सटीक विश्लेषण करवाएं, क्योंकि एक ही चिन्ह अलग-अलग हाथों में अलग-अलग फल देता है।

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