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Delhi Pollution: प्राइवेट ऑफिसों के लिए 50% वर्क फ्रॉम होम एडवाइजरी, GRAP-III के तहत बड़ा कदम

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नई दिल्ली, 23 नवंबर 2023। Delhi Pollution: सर्दी की दस्तक के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का कहर फिर शुरू हो गया है। नवंबर 2025 में लगातार नौवें दिन हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है, जहां औसत AQI 370 के आसपास पहुंच गया। कई इलाकों जैसे आनंद विहार और भवाना में AQI 400 से ऊपर ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंचा, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया।

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इसी क्रम में दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए बड़ा फैसला लेते हुए प्राइवेट ऑफिसों के लिए 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम (WFH) की एडवाइजरी जारी की है। यह कदम ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-III के तहत उठाया गया है, जो कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के निर्देशों पर आधारित है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार (22 नवंबर) को जारी बयान में कहा कि सरकार GRAP-III के सभी उपायों को पूर्ण गंभीरता से लागू कर रही है।

Delhi Pollution

प्राइवेट ऑफिसों को निर्देश दिया गया है कि केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ऑफिस में रहें, जबकि बाकी को घर से काम करने की छूट दी जाए। यह कदम वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन को कम करने और ट्रैफिक जाम घटाने के उद्देश्य से है। सभी ऑफिसों को इस एडवाइजरी को अपनी सभी शाखाओं में प्रसारित करने और सख्ती से लागू करने का आदेश दिया गया है। CAQM ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में GRAP के नियमों को और सख्त कर दिया है।

अब ‘बहुत खराब’ AQI पर ही वर्क फ्रॉम होम, स्टैगर्ड टाइमिंग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा जैसे उपाय लागू हो जाएंगे। दिल्ली सरकार ने पहले ही अपने विभागों और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) के ऑफिसों के लिए फरवरी 2025 तक स्टैगर्ड टाइमिंग लागू कर दी है, जो पीक आवर्स में ट्रैफिक कम करने में मददगार साबित हो रही है। मंत्री सिरसा ने बताया कि प्रदूषण स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और अन्य कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर।

Delhi AQI

शहर में 2,000 से अधिक कर्मी राउंड-द-क्लॉक ड्यूटी पर तैनात हैं। अब तक 1,200 से ज्यादा निर्माण स्थलों और प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 200 पर शो-कॉज नोटिस और 50 को तत्काल बंद करने के आदेश दिए गए। नागरिकों से अपील की गई है कि कचरा या बायोमास न जलाएं, धूल प्रदूषण पर सतर्क रहें और शिकायतों के लिए ग्रीन दिल्ली ऐप का इस्तेमाल करें।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह एडवाइजरी प्रदूषण कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, लेकिन लंबे समय के लिए फसल अवशेष जलाने, वाहनों के डीजल-पेट्रोल पर नियंत्रण और औद्योगिक उत्सर्जन पर कड़े कदम उठाने की जरूरत है। दिल्ली की हवा फिर से साफ करने के लिए केंद्र-राज्य सहयोग बढ़ाना होगा। सरकार का यह फैसला न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि ऑफिस गोइंग लोगों को स्मॉग की मार से भी बचाएगा।

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