महोबा, 22 नवंबर 2025। Ayodhya Ram Temple: बुंदेलखंड के महोबा जिले के 42 विशेष लोगों के लिए 24 नवंबर 2025 का दिन जीवन का सबसे यादगार पल बनने जा रहा है। ये सभी लोग भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या जाएंगे और रामलला के भव्य मंदिर में प्रथम वर्षगांठ (प्राण-प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ) के भव्य समारोह के साक्षी बनेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष योजना के तहत इन 42 लोगों का चयन किया गया है, जिनमें अधिकांश गरीब, वंचित और रामभक्त परिवारों से हैं।
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जिलाधिकारी मनीषा त्रिघटिया ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे प्रदेश से ऐसे लोगों का चयन हो रहा है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, लेकिन राम मंदिर निर्माण में अपना योगदान देना चाहते थे या जिन्होंने जीवन में एक बार रामलला के दर्शन की मनोकामना की थी। महोबा जिले से चुने गए 42 लोगों में 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, विधवा महिलाएं, दिव्यांगजन, मजदूरी करने वाले, रिक्शा चालक और छोटे किसान शामिल हैं।
इनमें से एक 72 वर्षीय बुधिया बाई हैं, जो पिछले 40 साल से चंदा इकट्ठा कर रही थीं ताकि राम मंदिर में अपना एक ईंट का योगदान दे सकें। एक अन्य यात्री 55 वर्षीय रामस्वरूप प्रजापति हैं, जो रिक्शा चलाते हैं और रोजाना 100-150 रुपये कमाते हैं। उन्होंने कहा, “मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि अपनी जिंदगी में रामलला का ऐसा भव्य मंदिर देख पाऊंगा। सरकार ने हमें मौका दिया, ये मेरे लिए दूसरे जन्म के समान है।”यात्रा पूरी तरह निःशुल्क होगी।
24 नवंबर की सुबह ये सभी यात्री विशेष बसों से अयोध्या के लिए रवाना होंगे। वहां उन्हें राम मंदिर में विशेष दर्शन, महाआरती में भाग लेने और प्रथम वर्षगांठ के भव्य आयोजन का अवसर मिलेगा। रात्रि विश्राम और भोजन की पूरी व्यवस्था श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर कर रही है। 25 नवंबर को ये सभी यात्री वापस महोबा लौट आएंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि चयन पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हुआ।
ग्राम पंचायतों, ब्लॉक और तहसील स्तर पर आवेदन लिए गए और सबसे जरूरतमंद लोगों को चुना गया। यात्रियों को विशेष किट, राम मंदिर का स्मृति चिन्ह और प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा।महोबा के लोगों में इस यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह है। चुने गए यात्रियों के घरों पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है। रामभक्तों का कहना है कि ये सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि 500 साल की तपस्या का फल है जिसका साक्षी बनने जा रहे हैं।
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