कानपुर/नई दिल्ली, 22 नवंबर 2025। Delhi Blast: लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट की जांच ने सुरक्षा एजेंसियों को हिला कर रख दिया है। जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग की कमांडर डॉ. शाहीन ने कानपुर को अपना मुख्य बेस बनाकर पूरे उत्तर प्रदेश में किशोरियों और युवतियों की खतरनाक ‘जिहादी स्लीपर सेल’ तैयार की थी। गरीब परिवारों की 19 से 22 साल की लड़कियों को “बेहतर जिंदगी”, “इस्लामी तालीम” और “शादी का झांसा” देकर ब्रेनवॉश किया गया और संगठन “जमात-उल-मोमिनात” में शामिल कर लिया गया।
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शाहीन की गिरफ्तारी के महज कुछ घंटे बाद ही उसके पूरे महिला नेटवर्क के 19+ मोबाइल फोन एक साथ बंद हो गए। ये नंबर कानपुर, फतेहपुर, उन्नाव, कन्नौज और आसपास के इलाकों के थे। एजेंसियों को शक है कि सभी ने तुरंत नए सिम और हैंडसेट ले लिए। टेलीकॉम कंपनियों से 10 नवंबर के बाद बेचे गए नए सिम की पूरी लिस्ट मांगी गई है। दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल विस्फोटक डिवाइस भी कानपुर के बेकनगंज इलाके से खरीदे गए फर्जी सिम से ही ऑपरेट हुई थी।
आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर नबी ने धमाके से ठीक पहले कानपुर के इन नंबरों पर कॉल किए थे। एनआईए और यूपी एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में शुक्रवार को 10 से ज्यादा डॉक्टरों से पूछताछ हुई। ये डॉक्टर मुख्य आरोपी डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन और डॉ. आदिल के सीधे संपर्क में थे। मुरादाबाद के तीन डॉक्टरों को सबसे ज्यादा संदिग्ध माना जा रहा है, ये तीनों दिल्ली ब्लास्ट के बाद फोन बंद करके फरीदाबाद भाग गए थे और पिछले महीने उनकी लोकेशन अल-फलाह यूनिवर्सिटी के आसपास मिली थी। इन्हें लखनऊ एटीएस मुख्यालय बुलाया गया है।
पूछताछ बहराइच, अलीगढ़, नोएडा, सहारनपुर, अमरोहा, संभल और मुजफ्फरनगर में भी चली। सूत्रों के मुताबिक शाहीन का प्लान भारत में महिलाओं की बड़ी आतंकी फौज खड़ी करना था। कानपुर को उसने “सेफ हाउस” और “भर्ती केंद्र” बनाया था। गरीब लड़कियों को पहले सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा जाता था, फिर धार्मिक बहस के नाम पर कट्टरपंथी वीडियो भेजे जाते थे। इसके बाद व्यक्तिगत मुलाकात और “शादी का लालच” देकर स्लीपर सेल में शामिल कर लिया जाता था।
एनआईए ने अभी तक कानपुर मॉड्यूल के खिलाफ अलग से केस दर्ज नहीं किया है, लेकिन शाहीन और डॉ. परवेज के घर से बरामद दस्तावेज, लैपटॉप और पेनड्राइव को केस प्रॉपर्टी के तौर पर जब्त कर लिया है। जांच एजेंसियां अब पूरे यूपी में महिला आतंकी नेटवर्क की सबसे बड़ी छापेमारी की तैयारी कर रही हैं।
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