नई दिल्ली, 22 नवंबर 2025। Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर इन दिनों जहरीले स्मॉग की मोटी चादर में लिपटा हुआ है। AQI लगातार 350-450 के खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। सांस लेना मुश्किल हो चुका है। बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा के मरीज सबसे ज्यादा परेशान हैं। सोशल मीडिया पर #DelhiCantBreathe, #HealthEmergencyDelhi जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। हजारों लोग अपनी आपबीती और गुस्सा शेयर कर रहे हैं।
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Change.org पर कई पिटिशन वायरल हैं, जिनमें सात दिन की पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि यह मौसमी समस्या नहीं, बल्कि साल दर साल बढ़ता स्वास्थ्य संकट है। 86 साल के रिटायर्ड आर्मी अफसर को भी सुबह की वॉक छोड़नी पड़ी। ईएनटी डॉक्टर अंजली मेहता ने लिखा, “मेरे पिता पूरी जिंदगी हेल्दी लाइफस्टाइल जीते रहे, लेकिन अब प्रदूषण ने उन्हें घर में कैद कर दिया।”

वॉरियर मॉम्स ग्रुप ने डेटा के साथ दावा किया कि इस बार पराली का योगदान सिर्फ 4-6% है, बाकी दिल्ली का अपना कचरा जलाना, वाहन, निर्माण धूल और उद्योग हैं। टेक उद्यमी मनु कुमार जैन ने लिखा, “मीटिंग के लिए दिल्ली आया था, लेकिन सांस नहीं ले पा रहा। फ्लाइट पहले करके भाग रहा हूं।
लोगों की सात प्रमुख मांगें
- तुरंत 7 दिन की पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित हो।
- सभी निर्माण कार्य, डीजल जेनरेटर पर पूर्ण रोक, ऑड-ईवन सख्ती से लागू हो, सरकारी-प्राइवेट दफ्तरों में 100% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य हो।
- धुआं छोड़ती गाड़ियों और बाहर से आने वाले ट्रकों पर तत्काल रोक। जरूरी सेवाओं के लिए मुफ्त बस-मेट्रो सुविधा और मेट्रो की फ्रीक्वेंसी दोगुनी हो।
- पराली जलाने पर जीरो टालरेंस – सैटेलाइट से हॉटस्पॉट पकड़ो, तुरंत FIR और जेल।
- सभी अस्पतालों, स्कूलों, पुलिसकर्मियों को मुफ्त N-95 मास्क और नेबुलाइजर क्लीनिक शुरू हों।
- उद्योगों का थर्ड-पार्टी ऑडिट और भारी जुर्माना।
- इमरजेंसी पॉल्यूशन पेनाल्टी फंड बनाकर उससे किसानों को सब्सिडी, पब्लिक एयर प्यूरीफायर शेल्टर और मास्क वितरण हो।

शुक्रवार को दिल्ली का औसत AQI 364 रहा। गाजियाबाद 422, नोएडा 394, ग्रेटर नोएडा 353, गुरुग्राम 287 और फरीदाबाद 238 पर रहा। विशेषज्ञों के अनुसार AQI 450+ होने पर ही इसे आधिकारिक हेल्थ इमरजेंसी माना जाता है, लेकिन लोग कह रहे हैं कि 350-400 पर भी सांस की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। CAQM के पास GRAP-4 लागू करने का अधिकार है, लेकिन अब तक सिर्फ आंशिक कदम ही उठाए गए हैं। दिल्लीवासी अब सवाल पूछ रहे हैं, क्या इंतजार है कि AQI 500 पार करे और बच्चे अस्पतालों में भर जाएं? लोग चाहते हैं कि कोविड की तरह इस बार भी सरकार तुरंत और सख्त कदम उठाए, वरना आने वाले दिन और भयावह हो सकते हैं।
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