नई दिल्ली, 9 नवंबर 2025। Trade Crisis on India: अमेरिकी कंपनियों की नई मांग से भारत के निर्यात पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ट्रंप प्रशासन 700 स्टील-संबंधित उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है, जो छोटी-मध्यम और बड़ी अमेरिकी फर्मों की अपील पर आधारित है। वर्तमान में 407 ऐसे उत्पाद पहले से ही 50% टैरिफ के दायरे में हैं और यह विस्तार विदेशी प्रतिस्पर्धा से अमेरिकी उद्योगों की रक्षा के उद्देश्य से है।
अमेरिकी वाणिज्य विभाग को प्राप्त याचिकाओं में इंडियाना की गार्डियन बाइक्स जैसी कंपनियों ने साइकिल उद्योग के नुकसान का हवाला दिया है। 2024 में 1.1 करोड़ साइकिलों का आयात हुआ, जिससे स्थानीय बाजार “खो” गया। टमाटर कैनिंग कंपनी रेड गोल्ड ने यूके से आयातित टिनप्लेट स्टील पर 25% और अन्य देशों से 50% टैरिफ की शिकायत की, जो उनकी कैन उत्पादन को प्रभावित कर रहा है।
ट्रक के लिए स्टील व्हील निर्माताओं ने भी सुरक्षा की मांग की। ये उत्पादों में बेकिंग ट्रे, ट्रक व्हील और कैन बनाने वाला टिनप्लेट स्टील शामिल हैं। अगस्त में ट्रंप प्रशासन ने स्टील-एल्यूमिनियम आयात पर 50% टैरिफ को सैकड़ों डेरिवेटिव उत्पादों तक विस्तारित किया था।इससे भारत को भारी नुकसान हो रहा है। वित्तीय वर्ष के पहले पांच महीनों में अमेरिका को भारत के निर्यात में 37.5% की गिरावट आई, जिसमें स्मार्टफोन और फार्मास्यूटिकल्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
चीन के निर्यात में भी 25% कमी दर्ज की गई। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “अमेरिकी टैरिफ से लाभ हो रहा है। विदेशी कंपनियां कुछ भुगत रही हैं, लेकिन कुल मिलाकर अमेरिका को फायदा।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं को जटिल बनाएगा। भारत ने पहले ही 50% टैरिफ के बावजूद बातचीत जारी रखने का ऐलान किया है। यदि लागू हुआ, तो स्टील निर्यातक क्षेत्रों में बेरोजगारी बढ़ सकती है। सरकार को अब वैकल्पिक बाजार तलाशने होंगे।
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