लखनऊ, 4 नवंबर 2025। CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया रील्स के शौकीन पुलिसकर्मियों पर सख्ती का ऐलान करते हुए कहा कि वर्दी में दिखावा बर्दाश्त नहीं होगा। सोमवार देर रात कानून-व्यवस्था और स्वच्छता सुरक्षा पर बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक में योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थलों पर ड्यूटी के दौरान रील या वीडियो बनाने वाले पुलिसकर्मियों की तैनाती कतई न की जाए। यह फरमान आगामी पर्व-त्योहारों, माघ मेला और देव दीपावली जैसे आयोजनों को ध्यान में रखकर जारी किया गया है, जहां लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
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बैठक में सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाधिकारियों (डीएम), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) और आईपीएस-आईएएस अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस का कर्तव्य जनसेवा है, न कि सोशल मीडिया स्टार बनना। “रील बनाने का शौक जनसेवा के कार्य में बाधक न बने। संवेदनशील पॉइंट्स जैसे स्नान घाट, मेला स्थल या भीड़भाड़ वाले इलाकों पर ऐसे पुलिसकर्मियों को तैनात न करें, जिनका रिकॉर्ड रील्स का हो,” योगी ने फरमान सुनाया।
amarujala.com +1यह निर्देश प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ लागू होगा, ताकि कानून-व्यवस्था दुरस्त रहे और अपराधी तत्वों को मौका न मिले। योगी सरकार ने पहले भी सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर सख्ती दिखाई है। हाल ही में चित्रकूट मेला के दौरान रील्स के कारण लापरवाही के मामले सामने आए थे, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। बैठक में सीएम ने स्वच्छता अभियान को मजबूत करने पर भी बल दिया, जिसमें पुलिस की भूमिका अहम बताई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला पुलिस की छवि को मजबूत करेगा और युवा कांस्टेबलों को ड्यूटी की गंभीरता सिखाएगा। विपक्ष ने इसे ‘ओवररीच’ बताया, लेकिन योगी समर्थक इसे ‘जीरो टॉलरेंस’ की मिसाल मान रहे हैं। कुल मिलाकर, यह ऐलान यूपी की कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने का संकेत है, जहां ‘बुलेट राज’ से ‘लॉ एंड ऑर्डर’ की ओर सफर जारी है।
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