नई दिल्ली, 2 नवंबर 2025। भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। भारतीय सेना का त्रि-सेवा अभ्यास ‘त्रिशूल-2025’ सर क्रीक क्षेत्र में 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक चल रहा है, जो गुजरात के कच्छ के रण में पाकिस्तान सीमा के करीब है। इस अभ्यास में सेना, नौसेना और वायुसेना संयुक्त रूप से युद्धक क्षमता का प्रदर्शन कर रही है, जिसमें लाइव फायरिंग, हवाई हमले और नौसैनिक संचालन शामिल हैं।
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यह अभ्यास भारत की सैन्य ताकत को मजबूत करने का हिस्सा है, लेकिन पड़ोसी पाकिस्तान इसे चुनौती के रूप में ले रहा है। पाकिस्तान ने भारत के अभ्यास के जवाब में कई कदम उठाए हैं। पहले ही पांच दिनों में दूसरी NOTAM जारी की गई, जो 1 नवंबर से 30 नवंबर तक उसके दक्षिणी और पश्चिमी हवाई क्षेत्र को प्रतिबंधित करती है। अब पाकिस्तानी नौसेना ने सर क्रीक के पास लाइव फायरिंग अभ्यास की चेतावनी जारी की है।

NAVAREA-XIII के जरिए दी गई इस वॉर्निंग में कहा गया है कि 2 नवंबर से 8 नवंबर तक अरब सागर में निर्दिष्ट क्षेत्र में गोलीबारी होगी और सभी जहाजों को दूर रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत के ‘त्रिशूल’ से प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया है, जो सर क्रीक विवादित क्षेत्र में तनाव को और भड़का सकती है। पाकिस्तानी वायुसेना ने हाल ही में फाइटर जेट्स तैनात किए, जो सुबह 3:30 से 6 बजे तक उड़ान भर रहे थे।
भारत ने इसे रूटीन अभ्यास बताया है, लेकिन पाकिस्तान की बेचैनी साफ झलक रही है। सर क्रीक, जो भारत-पाक के बीच लंबे समय से विवाद का विषय है, अब फिर सुर्खियों में है। भारतीय नौसेना ने भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच शांति प्रयासों पर सवाल खड़े कर रहा है, खासकर जब वैश्विक स्तर पर तनावपूर्ण माहौल है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि ऐसी कार्रवाइयां गलतफहमी से बड़ा संघर्ष पैदा कर सकती हैं। कुल मिलाकर, ‘त्रिशूल’ अभ्यास ने पाकिस्तान को रक्षात्मक मोड में धकेल दिया है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय है।
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