पटना, 1 नवंबर 2025। Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पटना पहुंचीं और सीधे NDA सरकार पर निशाना साधा। 1 नवंबर को राज्य की राजधानी में उतरते ही उन्होंने NDA के ताजा घोषणापत्र को निशाना बनाया, जिसमें 1 करोड़ सरकारी नौकरियां देने का वादा किया गया है।
प्रियंका ने सवाल उठाया कि बीते वर्षों में ये वादे क्यों पूरे नहीं हुए? यह हमला महागठबंधन के प्रचार अभियान का हिस्सा है, जहां युवाओं के रोजगार को मुख्य मुद्दा बनाया जा रहा है। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को है, और प्रियंका की यह यात्रा कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन को मजबूती देने का प्रयास है।
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पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका ने कहा, “अभी तक क्यों नहीं दीं नौकरियां? अब चुनाव आते ही क्यों बात कर रहे हैं?” उन्होंने NDA के ‘संकल्प पत्र’ को खोखला बताते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी-जेडीयू सरकार ने बिहार के युवाओं को धोखा दिया है। प्रियंका ने याद दिलाया कि 2015 और 2020 के चुनावों में भी इसी तरह के वादे किए गए थे, लेकिन बेरोजगारी दर आज भी 15% से ऊपर है।

उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण का भी जिक्र किया और कहा NDA के वादे केवल कागजी हैं। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां युवा वर्ग इसे रीट्वीट कर रहा है। प्रियंका की यह यात्रा राहुल गांधी के हालिया दौरे के बाद है, जो महागठबंधन को गति दे रही है।
NDA ने 31 अक्टूबर को पटना में अपना संकल्प पत्र जारी किया, जिसमें 1 करोड़ नौकरियां, 1 करोड़ ‘लखपति दीदियां’ बनाने, 7 नई एक्सप्रेस-वे और 50 लाख करोड़ के निवेश का वादा है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, सीएम नीतीश कुमार और चिराग पासवान ने इसे लॉन्च किया। लेकिन प्रियंका के हमले ने इसे विवादास्पद बना दिया। महागठबंधन का आरोप है कि ये वादे पिछले 20 सालों की नाकामी को छिपाने के लिए हैं। इसके अलावा, मोकामा हत्याकांड ने राजनीति को और गरमा दिया है, जहां विपक्ष अनंत सिंह पर निशाना साध रहा है। प्रियंका ने कहा कि बिहार के युवा पलायन कर रहे हैं, जबकि NDA विकास की बात करता है।
महागठबंधन का फोकस
प्रियंका की पटना यात्रा महागठबंधन की रणनीति का हिस्सा है, जहां वे anti-incumbency और बेरोजगारी पर जोर दे रहे हैं। कांग्रेस ने 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की, जिसमें प्रियंका, राहुल और खरगे शामिल हैं। दूसरी ओर, अमित शाह और नड्डा की रैलियां NDA को मजबूत कर रही हैं। मौसम की मार से कुछ कार्यक्रम रद्द हुए, लेकिन प्रचार चरम पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि नौकरी मुद्दा युवा वोटरों को प्रभावित करेगा, जो 40% मतदाता हैं। प्रियंका ने महिलाओं से अपील की कि वे वोट से बदलाव लाएं। कुल मिलाकर, यह दौर बिहार की सियासत को नई दिशा दे सकता है।
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