पटना, 1 नवंबर 2025। Dularchand Murder Case: पटना के मोकामा क्षेत्र में दुलारचंद यादव की संदिग्ध हत्या के बाद अब पोस्टमोर्टम रिपोर्ट ने नया मोड़ ला दिया है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि मौत गोली से नहीं, बल्कि गंभीर आंतरिक चोटों से हुई। अनुमंडलीय अस्पताल में तीन सदस्यीय मेडिकल टीम डॉ. अजय कुमार, डॉ. रोहन और डॉ. दिलीप ने शव का परीक्षण किया।
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रिपोर्ट के अनुसार, दुलारचंद के बाएं पैर में गोली आर-पार हो गई थी, लेकिन यह घातक नहीं थी। पूरे शरीर पर चोटों के निशान मिले, खासकर सीने में गहरी क्षति। 10-12 एक्स-रे की रिपोर्ट अभी बाकी है, जिसे जल्द ही सरकारी स्तर पर भेजा जाएगा। डॉ. अजय कुमार ने बताया, “आंतरिक चोटें ही मौत का मुख्य कारण हैं। गोली से जान नहीं गई।” यह खुलासा हत्याकांड की जांच को नई दिशा दे सकता है।
दोपहर में दुलारचंद की अंतिम यात्रा के दौरान माहौल फिर से गरमा गया। हजारों की संख्या में गुस्साए ग्रामीण लाठी-डंडे लहराते हुए सड़कों पर उतर आए। ‘अनंत सिंह को फांसी दो’ के जोरदार नारे गूंजते रहे। पूर्वी चंपारण से सांसद अनंत सिंह पर हत्या का आरोप है, जिसकी वजह से भीड़ का आक्रोश भड़का। पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप किया। कड़ी मशक्कत के बाद हंगामा थमा, लेकिन शाम तक तनाव बना रहा।
किसी तरह की हिंसा नहीं हुई, पर स्थानीय प्रशासन सतर्क मोड में है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि हत्या सबके सामने हुई, फिर भी आरोपी खुले घूम रहे हैं। उन्होंने पुलिस से अनंत सिंह और गोलीबारी करने वालों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अनंत सिंह की उम्मीदवारी रद्द करने की अपील की।
उन्होंने कहा, “पहले अपराधी जेल पहुंचें, फिर फांसी हो। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में ऐसी हिंसा बर्दाश्त नहीं।” यह घटना बिहार की राजनीति में उबाल ला रही है, जहां अनंत सिंह जैसे प्रभावशाली नेता विवादों में घिरे हैं। जांच जारी है, और परिजन न्याय की प्रतीक्षा में हैं।
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