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Montha Impact: दक्षिण भारत में भारी तबाही, उत्तर में बारिश का दौर, ठंड ने भी दी दस्तक

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Montha Impact

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लखनऊ, 31 अक्टूबर 2025। Montha Impact: कमजोर पड़ चुके चक्रवात ‘मोंथा’ ने देश के कई राज्यों में भयंकर तबाही मचा दी है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, जहां जानमाल और संपत्ति को करोड़ों का नुकसान पहुंचा। वहीं, उत्तर भारत में इसकी वजह से बारिश का दौर जारी है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। नेपाल में भी बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। आंध्र प्रदेश में चक्रवात ने कहर बरपाया। तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 42 मवेशी भी मारे गए। करीब 1.5 लाख एकड़ खड़ी फसलें तबाह हो गईं।

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प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, राज्य को कुल 5,265 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें सड़क-भवन विभाग को 2,079 करोड़, मत्स्य पालन को 1,270 करोड़, कृषि को 829 करोड़ और जल संसाधन को 207 करोड़ का खामियाजा भुगतना पड़ा। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि नेल्लोर, बापटला और प्रकाशम जिले सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। राज्य के प्रमुख जलाशय 90% तक भर चुके हैं, जिनमें 98.5 टीएमसी पानी जमा है। बिजली व्यवस्था के लिए 11,000 से अधिक कर्मचारी तैनात किए गए, और 100% आपूर्ति बहाल हो चुकी है।

Montha Impact

एक चर्च में फंसे 15 लोगों को रस्सी की मदद से सुरक्षित निकाला गया। तेलंगाना में भारी बारिश से हाहाकार मच गया। वारंगल और हनमकोंडा में 2,000 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया। सूर्यापेट में पेड़ गिरने से एक बाइक सवार की मौत हुई, जबकि खम्मम में एक ट्रक ड्राइवर बह गया। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राहत कार्य तेज करने के आदेश दिए हैं।उत्तर भारत में मोंथा का असर बारिश के रूप में दिखा। उत्तर प्रदेश के अयोध्या, लखनऊ, कानपुर समेत 15 शहरों में रुक-रुककर झमाझम बारिश हुई, जिससे काशी में जलभराव हो गया।

पूर्वांचल के 31 जिलों में अगले तीन दिनों तक गरज-चमक संग बारिश का अलर्ट है, जो धान-आलू की फसल के लिए खतरा बन रही है। बिहार के पटना, औरंगाबाद, बक्सर व भागलपुर में सुबह बारिश हुई, और 25 जिलों में यलो अलर्ट जारी। तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर-उज्जैन में तेज हवाओं संग हल्की-मध्यम बारिश रिकॉर्ड हुई। राजस्थान के जयपुर, अलवर, करौली में बूंदाबांदी से तापमान लुढ़का, और 13 जिलों में यलो अलर्ट है।

बीसलपुर बांध से 24,040 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। नेपाल में चक्रवात के असर से 26 जिलों में बाढ़-भूस्खलन का अलर्ट जारी। कोशी, मधेश व बागमती प्रांतों की नदियां उफान पर हैं। नेपाली मौसम विभाग ने लोगों को नदी किनारों से दूर रहने की सलाह दी। इसके अलावा, पूर्व-मध्य अरब सागर में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय हो गया है, जो अगले 36 घंटों में पश्चिम की ओर बढ़ेगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मोंथा का असर 1 नवंबर तक बना रहेगा। प्रभावित राज्यों में राहत कार्य तेज हैं, लेकिन फसल और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की भरपाई चुनौतीपूर्ण होगी।

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