नोएडा, 29 अक्टूबर 2025। Noida Electricity: शहर की तेजी से बढ़ती आबादी और औद्योगिक विकास के बीच बिजली आपूर्ति की चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। इन समस्याओं का समाधान करने के लिए पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीएनएल) ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। नवंबर 2025 से नोएडा में बिजली व्यवस्था की नई प्रणाली लागू होने जा रही है, जिसमें 25 सहायक अभियंताओं (एई) को विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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यह व्यवस्था न केवल विद्युत वितरण को सुचारू बनाएगी, बल्कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करेगी। पीवीएनएल की प्रबंधन निदेशक द्वारा अनुमोदित यह योजना शहर के चारों ओर बिजली सेवाओं को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने का लक्ष्य रखती है। नई व्यवस्था के केंद्र में हैं 25 सहायक अभियंता, जिन्हें तकनीकी, वाणिज्यिक और मीटर संबंधी शिकायतों के समाधान की प्रमुख भूमिका दी गई है। इनमें से कुछ अभियंताओं को 11 केवी और 33 केवी की हाई टेंशन लाइनों के रखरखाव, एलटी लाइनों की मरम्मत तथा निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं, अन्य को गलत बिजली बिलों की जांच, बकायेदार उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने तथा नए कनेक्शन प्रदान करने जैसे कार्य सौंपे गए हैं। उदाहरण के तौर पर, एक समूह को उपभोक्ता शिकायतों के तत्काल समाधान के लिए हेल्पडेस्क पर तैनात किया जाएगा, जबकि दूसरा समूह बिजली चोरी रोकने और मीटर रीडिंग की निगरानी पर फोकस करेगा। इसके अलावा, जिले के एक उप-मंडल अधिकारी (एसडीओ) को मुख्य अभियंता कार्यालय के वितरण क्षेत्र में सहायक अभियंता के पद पर जोड़ा गया है, जबकि एक एसडीओ और दो सहायक अभियंताओं को अन्य जिलों में स्थानांतरित किया गया है।
इस नई प्रणाली का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि प्रत्येक कार्य के लिए एक ही अधिशासी अभियंता पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। उनके अधीन एसडीओ, जूनियर इंजीनियर (जेई) और अन्य स्टाफ कार्य करेंगे, जिससे जवाबदेही बढ़ेगी और देरी कम होगी। नोएडा जोन में आठ प्रमुख उपकेंद्रों पर हेल्पडेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां उपभोक्ता सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इनमें सेक्टर-25 (फोन: 9193331939), सेक्टर-20 (9193301541), सेक्टर-62सी (9193301473), सेक्टर-18 (7290055930), सेक्टर-16ए (7290055973), धूममानिकपुर दादरी (9193301576), सेक्टर-150 (9193301568) और जेवर देहात (9193301778) शामिल हैं।
इन हेल्पडेस्क के माध्यम से बिजली कटौती, लोड शेडिंग और बिलिंग त्रुटियों जैसी आम समस्याओं का 24 घंटे के अंदर समाधान होगा। यह व्यवस्था नोएडा के 4.5 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के लिए वरदान साबित होगी। पहले जहां शिकायतों का निपटारा कई स्तरों से गुजरता था, अब एकल चेन ऑफ कमांड से कार्य तेज होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बिजली चोरी में 20-25 प्रतिशत की कमी आएगी और आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
पीवीएनएल के अधिकारियों ने बताया कि यह वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग मॉडल पर आधारित है, जो उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू हो सकता है। हालांकि, सफलता के लिए कर्मचारियों को डिजिटल ट्रेनिंग और संसाधनों की आवश्यकता होगी। कुल मिलाकर, यह नई व्यवस्था नोएडा को एक स्मार्ट सिटी के रूप में मजबूत बनाएगी, जहां बिजली जैसी बुनियादी सुविधा बाधारहित हो। उपभोक्ताओं से अपील है कि वे हेल्पडेस्क का उपयोग करें और समय पर बिल भुगतान सुनिश्चित करें।
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