नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2025। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने दिल्ली के प्राचीन वैभव को पुनर्जीवित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। संगठन की दिल्ली इकाई ने रविवार को दिल्ली सरकार के संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा को पत्र लिखकर राजधानी का नाम बदलकर ‘इंद्रप्रस्थ’ करने की अपील की है। यह मांग महाभारत काल के पांडव नगरी इंद्रप्रस्थ से प्रेरित है, जो दिल्ली का मूल नाम माना जाता है।
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VHP का तर्क है कि इससे शहर का 5,000 वर्ष पुराना गौरवशाली हिंदू इतिहास फिर से जीवंत हो उठेगा। पत्र में VHP के दिल्ली प्रांत सचिव सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “नाम बदलाव केवल शब्दों का खेल नहीं, बल्कि राष्ट्र की चेतना का प्रतिबिंब है। ‘दिल्ली’ कहने से हमें मात्र 2,000 वर्ष का इतिहास नजर आता है, लेकिन ‘इंद्रप्रस्थ’ से हम पांडवों के युग से जुड़ते हैं।”
संगठन ने अन्य नाम परिवर्तनों की भी मांग की है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम ‘इंद्रप्रस्थ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा’, दिल्ली रेलवे स्टेशन को ‘इंद्रप्रस्थ रेलवे स्टेशन’ और शाहजहानाबाद विकास बोर्ड को ‘इंद्रप्रस्थ विकास बोर्ड’ करने का सुझाव दिया गया।VHP ने दिल्ली के हेरिटेज वॉक को समृद्ध बनाने पर जोर दिया। गुप्ता ने कहा कि इन वॉक में किले, मंदिर और हिंदू राजाओं के स्मारकों को शामिल किया जाए, ताकि शहर का इतिहास संतुलित रूप से प्रस्तुत हो। जहां मुस्लिम आक्रमणकारियों के स्मारक हैं, वहां पांडव काल के हिंदू वीरों, ऋषियों और पवित्र स्थलों के स्मारक भी बनें।
विशेष रूप से, राजा हेमचंद्र विक्रमादित्य के नाम पर एक भव्य स्मारक और सैन्य स्कूल की स्थापना की मांग की गई। गुप्ता ने जोर देकर कहा कि हेमचंद्र विक्रमादित्य और इंद्रप्रस्थ के इतिहास को स्कूल पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।यह मांग VHP की व्यापक सांस्कृतिक पुनरुत्थान अभियान का हिस्सा है, जो दिल्ली को उसके हिंदू मूल से जोड़ना चाहता है। संगठन का मानना है कि इससे युवा पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से परिचित होगी।
हालांकि, यह प्रस्ताव राजनीतिक विवादों को जन्म दे सकता है, क्योंकि नाम बदलाव के मुद्दे अक्सर ध्रुवीकरण पैदा करते हैं। कपिल मिश्रा की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन VHP आश्वासन दे रहा है कि यह कदम दिल्ली को वै%A








