गाजियाबाद, 17 अक्टूबर 2025। Kinnar Gangwar: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर में किन्नर समुदाय के दो गुटों के बीच चली आ रही पुरानी दुश्मनी ने गुरुवार शाम एक और खूनी मोड़ ले लिया। निशा किन्नर के ड्राइवर अहसान की ताबड़तोड़ गोलीबारी में मौके पर ही मौत हो गई। जेल से जमानत पर बाहर आए अहसान पर पांच-छह हथियारबंद हमलावरों ने घर के बाहर ही हमला बोल दिया। आरोपी हथियार लहराते हुए आराम से फरार हो गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है।
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घटना मोदीनगर के मोहिउद्दीनपुर इलाके में शाम करीब चार बजे घटी। विश्वकर्मा बस्ती का निवासी अहसान, जो अपनी पत्नी फरजाना और छह बच्चों के साथ रहता था, निशा किन्नर की गाड़ी चलाने का काम करता था। इसी साल मार्च में पूजा किन्नर के साथ रहने वाले ढोलक वादक अलबक्श की हत्या के आरोप में अहसान को 10 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। जेल में करीब सात महीने बिताने के बाद वह 20 दिन पहले जमानत पर रिहा हुआ था। जान का खतरा महसूस कर वह परिवार के साथ किराए के कमरे में शिफ्ट हो गया था।
गुरुवार को वह निशा किन्नर के साथ अपने पुराने घर की सफाई के लिए पहुंचा। घर के गेट पर साथियों से बातचीत कर ही रहा था कि अचानक दरवाजे पर खटखटाहट हुई। अहसान जैसे ही दरवाजे पर पहुंचा, बाहर हथियारबंद गुट ने जबरन घुसपैठ की और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। घबराहट में अहसान घर से बाहर भागा, लेकिन गली में दौड़ते हुए हमलावरों ने उसे घेर लिया और कई गोलियां मार दीं। मौके पर ही उसकी सांसें थम गईं।
इस दौरान निशा किन्नर किसी तरह पास के एक घर में छिपकर अपनी जान बचा ली। हमलावरों ने न तो किसी को चेतावनी दी और न ही लूटपाट की—सिर्फ बदला लिया। स्थानीय लोगों ने चीखें सुनकर पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक आरोपी गायब हो चुके थे। पुलिस के अनुसार, यह हत्या निशा किन्नर और पूजा किन्नर के बीच ‘बधाई’ (किन्नर समुदाय की परंपरा में दी जाने वाली राशि) मांगने को लेकर चली आ रही रंजिश का नतीजा है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को जान से मारने की धमकियां दे चुके हैं, और इस विवाद में अब तक दो हत्याएं हो चुकी हैं—पहली अलबक्श की और अब अहसान की।
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया, “शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हत्या के धाराओं के तहत केस दर्ज है। आरोपियों की पहचान हो चुकी है, और कई टीमें छापेमारी में जुटी हैं। इलाके में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई है।” पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों से जांच तेज कर दी है। यह घटना किन्नर समुदाय की आंतरिक कलह को उजागर करती है, जहां परंपरागत रस्मों पर विवाद जानलेवा रूप ले लेते हैं। अहसान के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी फरजाना ने रोते हुए कहा, “मेरा पति निर्दोष था, सिर्फ परिवार चलाने के लिए मेहनत करता था। अब सातों बच्चे अनाथ हो गए।”
स्थानीय प्रशासन ने समुदाय के नेताओं से बातचीत कर शांति बहाल करने का प्रयास शुरू किया है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी रंजिशों को रोकने के लिए किन्नर समुदाय में जागरूकता और कानूनी हस्तक्षेप जरूरी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि आगे ऐसी घटनाओं पर सख्ती बरती जाएगी। यह मामला गाजियाबाद की अपराध डायरी में एक और काला अध्याय जोड़ गया है।
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