फतेहपुर, 17 अक्टूबर 2025। Rahul Gandhi Fatehpur Visit: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार सुबह चकेरी एयरपोर्ट पर पहुंचकर उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले का दौरा किया। वे रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र में 2 अक्टूबर को भीड़ हिंसा का शिकार बने दलित युवक हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मिलने गए। शुरू में परिवार ने मुलाकात से इनकार कर दिया, जिसके कारण पुलिस ने राहुल के काफिले को रोक लिया। हालांकि, बाद में प्रशासन की मध्यस्थता से परिवार ने हामी भरी और राहुल ने उनसे लंबी बातचीत की।
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मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने परिवार के दर्द को सुना और कहा, “कुछ दिन पहले एक दलित अफसर ने आत्महत्या की थी, मैं वहां गया और आज यहां आया हूं। अपराध इस परिवार ने नहीं किया, अपराध इनके खिलाफ हुआ है। इन्हें घर में बंद कर रखा है, डराया जा रहा है। ये लोग केवल न्याय मांग रहे हैं। हमारे बेटे, भाई को मारा गया है।” उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की, “इन्हें न्याय दीजिए, सम्मान कीजिए। अपराधियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई कीजिए और उनकी रक्षा मत कीजिए।” राहुल ने जोर देकर कहा कि परिवार अपराधी नहीं है, गलती उनकी नहीं, बल्कि हत्यारों की है। कांग्रेस पार्टी और वे खुद हर संभव मदद करेंगे।

यह घटना रायबरेली में हुई दर्दनाक हत्या से जुड़ी है, जहां हरिओम पर चोरी का झूठा आरोप लगाकर भीड़ ने उन्हें पीट-पीटकर मार डाला। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद राजनीति गरमा गई। विपक्ष ने इसे दलितों पर अत्याचार का प्रतीक बताया, जबकि योगी सरकार ने त्वरित कार्रवाई का दावा किया। हरिओम के भाई शिवम वाल्मीकि ने पहले कहा था, “हम सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हैं। हत्यारे जेल में हैं, बहन कुसुम देवी को नौकरी मिल गई है। राजनीति मत कीजिए।” लेकिन मुलाकात के बाद परिवार का रुख बदल गया, जो दबाव का संकेत देता है।

कांग्रेस प्रदेश महासचिव विवेकानंद पाठक ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने भाजपा सरकार के इशारे पर परिवार पर दबाव डाला। “परिजन डरे-सहमे हैं। दुख में शामिल होने आए व्यक्ति को मना करना ओछी राजनीति है। राहुल गांधी निश्चित रूप से मिले।” उन्होंने कहा कि यह घटना दलितों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों की श्रृंखला है—हत्या, दुष्कर्म जैसी घटनाएं थम नहीं रही।
हरियाणा के IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार जी की आत्महत्या उस गहराते सामाजिक ज़हर का प्रतीक है, जो जाति के नाम पर इंसानियत को कुचल रहा है।
जब एक IPS अधिकारी को उसकी जाति के कारण अपमान और अत्याचार सहने पड़ें – तो सोचिए, आम दलित नागरिक किन हालात में जी रहा होगा।
रायबरेली में हरिओम…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 9, 2025
योगी सरकार ने निर्देशों के क्रम में हरिओम की बहन कुसुम को अमर शहीद जोधा सिंह अटैया ठाकुर दरियाव सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में स्टाफ नर्स के रूप में आउटसोर्स नौकरी दी। लेकिन राहुल का दौरा विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है, जो लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल उठा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उत्तर प्रदेश की सियासत को और गर्म करेगा, खासकर दलित वोट बैंक को लेकर। राहुल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर न्याय की मांग दोहराई। यह दौरा दलित न्याय की लड़ाई का प्रतीक बन गया है, जहां राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच सच्चाई उजागर हो रही है।
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