फतेहपुर, 17 अक्टूबर 2025। Rahul Gandhi Fatehpur Visit: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले का दौरा किया, जहां वे हाल ही में रायबरेली में भीड़ हिंसा का शिकार बने दलित युवक हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मिलने पहुंचे। हालांकि, यह दौरा अप्रत्याशित मोड़ ले लिया जब हरिओम के परिजनों ने राहुल गांधी से मुलाकात करने से साफ इनकार कर दिया। परिवार ने कहा कि वे योगी आदित्यनाथ सरकार की त्वरित कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट हैं और किसी राजनीतिक हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं समझते।
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राहुल गांधी का यह दौरा रायबरेली में हुई दर्दनाक घटना के बाद राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। 13 अक्टूबर को रायबरेली के सराय आंव क्षेत्र में हरिओम वाल्मीकि नामक एक दलित युवक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना का कारण एक छोटा-सा विवाद था, जिसमें हरिओम पर चोरी का आरोप लगाया गया। इस हिंसा ने दलित समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया और विपक्ष ने इसे सांप्रदायिक रंग देकर सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने तत्काल एक प्रतिनिधिमंडल भेजा था, जिसने परिवार से मुलाकात की और न्याय की मांग की।
सुबह 8 बजे दिल्ली से विशेष विमान द्वारा कानपुर एयरपोर्ट पहुंचे राहुल गांधी ने पहले कानपुर में कुछ मृतक कांग्रेस नेताओं के परिवारों से संवेदना व्यक्त की। उसके बाद वे सड़क मार्ग से फतेहपुर रवाना हो गए। फतेहपुर पहुंचने पर उनका कार्यक्रम बहुत संक्षिप्त था, केवल आधा घंटा परिवार से मिलने का, लेकिन जब राहुल गांधी हरिओम के घर पहुंचे, तो परिवार के सदस्यों ने दरवाजा खोलने से ही इनकार कर दिया। मृतक के भाई शिवम वाल्मीकि ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हैं। आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और न्याय मिल रहा है। हमें राहुल गांधी से मिलने की कोई जरूरत नहीं।” परिवार का यह रुख राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
योगी सरकार ने घटना के तुरंत बाद सख्त कदम उठाए थे। तीन मुख्य आरोपी—रामू वाल्मीकि, शिवम वाल्मीकि और एक अन्य—को गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मामले की निगरानी के आदेश दिए और पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता राशि तथा नौकरी का वादा किया। इस कार्रवाई ने परिवार का विश्वास जीत लिया, जिससे विपक्ष की रणनीति पर पानी फिर गया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, “दलितों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं। न्याय सुनिश्चित होगा।” लेकिन परिवार का इनकार उनके दौरे को निष्फल साबित कर रहा है।
यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया आयाम जोड़ रही है। एक ओर जहां विपक्ष सरकार पर लॉ एंड ऑर्डर फेलियर का आरोप लगा रहा है, वहीं परिवार का स्टैंड भाजपा के पक्ष में जाता नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योगी सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया का प्रमाण है, जो आगामी चुनावों में फायदा पहुंचा सकता है। राहुल गांधी फतेहपुर से लौटकर असम रवाना हो गए, जहां वे अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त रहेंगे। इस घटना ने दलित वोट बैंक की जटिलताओं को उजागर किया है, जहां न्याय की गति ही वफादारी तय करती है।
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