इजराइल, 13 अक्टूबर 2025। मिडिल ईस्ट में शांति की नई किरण चमक रही है। दो साल के खूनी संघर्ष के बाद हमास ने सभी 20 इजरायली बंधकों को रिहा कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यरुशलम की नेसेट (इजरायली संसद) में इसकी घोषणा करते हुए इसे “मिडिल ईस्ट के लिए नया सवेरा” करार दिया। उन्होंने इजरायल के लिए बड़ा एलान किया, जिसमें स्थायी शांति और आर्थिक सहयोग का वादा शामिल है। यह रिहाई मिस्र, कतर और अमेरिका की मध्यस्थता से हुए सीजफायर समझौते का हिस्सा है, जिसने गाजा में युद्ध को विराम दे दिया।
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हमास की कैद से आजाद हुए बंधक
हमास ने पहले चरण में सात बंधकों को रिहा किया था, जिनमें गली और ज़िव बर्मन, मतन एंग्रेस्ट, अलोन ओहेल, ओमरी मीरान, एतान मोर और गाय गिल्बोआ-दलाल शामिल थे। रेड क्रॉस की मदद से इन्हें गाजा से इजरायली क्षेत्र में लाया गया। इसके बाद 13 और बंधकों की रिहाई हुई, जिससे कुल 20 की संख्या पूरी हुई। ये बंधक 2023 के हमास हमले के बाद कैद थे। इजरायल की सेना ने पुष्टि की कि सभी सुरक्षित हैं और परिवारों से मिल रहे हैं।
ट्रंप का नेसेट में भाषण
ट्रंप का तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपेट पर रेड कार्पेट स्वागत हुआ। राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनका जोरदार स्वागत किया। एयरपोर्ट से यरुशलम पहुंचकर ट्रंप ने बंधकों के परिवारों से मुलाकात की। नेसेट में भाषण के दौरान उन्होंने नेतन्याहू को “थैंक यू वेरी मच, बीबी। ग्रेट जॉब” कहकर धन्यवाद दिया।
नेतन्याहू ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार की सिफारिश की। हालांकि, भाषण के बीच दो सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने बाहर निकाल दिया। ट्रंप ने हंसते हुए कहा, “यह तो काफी प्रभावी था।”
इजरायल के लिए सुनहरे दौर का वादा
ट्रंप ने घोषणा की कि यह समझौता मिडिल ईस्ट में नया अध्याय खोलेगा। उन्होंने कहा, “यह इजरायल के लिए सुनहरा दौर होगा, ठीक वैसे ही जैसे अमेरिका के लिए।” इजरायल ने ट्रंप को शांति पुरस्कार से सम्मानित किया। ट्रंप मिस्र भी जाएंगे, जहां अन्य नेताओं से शांति पर चर्चा होगी। यह एलान अमेरिका-इजरायल संबंधों को मजबूत करेगा, जिसमें आर्थिक सहायता और सुरक्षा गारंटी शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह युद्ध का अंतिम चरण हो सकता है। हालांकि, दो साल के संघर्ष ने हजारों जानें लीं, लेकिन सीजफायर ने राहत दी।
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